नोहर 7 अक्टूबर। हरियाणा सरकार की ओर से प्रस्तावित नहरबंदी के विरोध में बुधवार को नोहर फीडर से जुड़े किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नहर में पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि अक्टूबर में नहर बंद रही तो नोहर फीडर से जुड़े करीब 40 गांवों में रबी की फसल प्रभावित होने के साथ कृषि क्षेत्र के बंजर होने का संकट खड़ा हो सकता है।

किसान सभा के जिलाध्यक्ष मंगेज चौधरी ने कहा कि राजस्थान सरकार की संवेदनहीनता के कारण हरियाणा की ओर से नहरबंदी का संकट सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में नहर बंद होने से किसान सरसों और चने की समय पर बिजाई नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में किसानों के सामने मुख्य रूप से गेहूं की फसल बोने का विकल्प ही बचेगा।

मंगेज चौधरी ने कहा कि नोहर फीडर में वैसे भी पर्याप्त पानी नहीं आता और गेहूं की फसल के लिए करीब छह बारियों की आवश्यकता होती है। पिछली बार नोहर फीडर को केवल दो बारियां ही पानी मिल पाया था। ऐसे में गेहूं की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि यदि समय पर पानी नहीं मिला और सरसों-चना की बिजाई नहीं हो पाई तो किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस जाएंगे। मंगेज चौधरी ने कहा, "हम कुंभकर्णी नींद में सोई सरकार से कहना चाहते हैं कि यदि इलाका बंजर होता है तो किसान सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे। किसानों के पास संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।"

किसानों ने कहा कि नहरबंदी का सीधा असर नोहर फीडर पर निर्भर गांवों की खेती पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि रबी सीजन को देखते हुए नहर में पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और प्रस्तावित नहरबंदी को लेकर किसानों के हित में तत्काल समाधान निकाला जाए।

प्रदर्शन के दौरान मणिराम नायक, सुरजीत शर्मा, जगदीश बेनीवाल, गुरविंदर सिंह, सूखा सिंह, किरसान बेनीवाल, राजेश डूडी, रायसिंह डूडी, दलीप साहू, भागु सहू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। प्रस्तावित नहरबंदी को लेकर किसानों का प्रदर्शन रबी सीजन की फसल और नोहर फीडर से जुड़े करीब 40 गांवों की खेती पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता को सामने लाता है।

Narendra Tiwari, Hanumangarh

Narendra Tiwari, Hanumangarh

नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।

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