नोहर: किसानों की हुंकार, सिंचाई पानी और बिजली संकट को लेकर भारतीय किसान संघ ने खोला मोर्चा
नोहर में भारतीय किसान संघ की खुईयां शाखा ने तहसील अध्यक्ष बेगराज शर्मा के नेतृत्व में बिजली, सिंचाई पानी और फसल बीमा में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। 30 मार्च 2026 तक सिंचाई पानी की निरंतर आपूर्ति और ढाणियों में सस्ते विद्युत कनेक्शन की मांग को लेकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। क्षेत्र के दर्जनों प्रमुख किसानों की उपस्थिति में हुए इस आयोजन ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

नोहर। कृषि प्रधान क्षेत्र नोहर में किसानों की समस्याओं को लेकर सुलग रही चिंगारी अब एक संगठित आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। गुरुवार, 8 जनवरी को भारतीय किसान संघ तहसील शाखा खुईयां की एक महत्वपूर्ण बैठक तहसील अध्यक्ष बेगराज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में न केवल संगठन की रीति-नीति पर चर्चा हुई, बल्कि क्षेत्र के किसानों के अस्तित्व से जुड़े गंभीर मुद्दों पर हुंकार भरते हुए प्रशासन को चेतावनी भी दी गई। बैठक के पश्चात किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल उप जिला कलेक्टर कार्यालय पहुँचा, जहाँ नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर त्वरित समाधान की मांग की गई।
तहसील अध्यक्ष बेगराज शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भारतीय किसान संघ के मूल मंत्रों से अवगत कराया। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के पालन के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने और जैविक खेती को अपनाकर मानव जीवन के साथ-साथ धरा को भी सुरक्षित करने का आह्वान किया। शर्मा ने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए ग्राम समितियों की नियमित बैठकों और संगठन विस्तार की रूपरेखा साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और वर्तमान परिस्थितियों में इस एकता की नितांत आवश्यकता है।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने प्रशासन के समक्ष अपनी ज्वलंत समस्याओं का कच्चा चिट्ठा प्रस्तुत किया। किसानों की सबसे प्रमुख मांग कृषि बिजली को लेकर रही, जिसमें वर्तमान समय में दिन के समय निर्धारित छह घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और विद्युत संबंधी शिकायतों के तत्काल निस्तारण की मांग की गई। इसके साथ ही, पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना के तहत खेतों में निवास करने वाली ढाणियों के लिए पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सिंधिया सरकार की तर्ज पर मात्र 500 रुपये के शुल्क पर कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। सिंचाई के मोर्चे पर, किसानों ने साहवा लिफ्ट कैनाल के रेगुलेशन को लेकर गंभीर चिंता जताई। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि क्षेत्र में फसलों की बिजाई व्यापक स्तर पर हो चुकी है, जिन्हें पकाने के लिए 30 मार्च 2026 तक वर्तमान रेगुलेशन के अनुसार पानी मिलना अनिवार्य है। इसके अलावा, पेयजल योजना से वंचित गांव ढाणी राईकान और चकमन्दराणा को तुरंत योजना से जोड़ने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में व्याप्त भारी अनियमितताओं की राज्य सरकार के आदेशानुसार निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक और प्रदर्शन के दौरान किसान शक्ति का व्यापक स्वरूप देखने को मिला। आयोजन में उपाध्यक्ष महिपाल स्वामी, कुंदनपुरी, इंद्राज नायक, रामनिवास, राधाकृष्ण करेला, मुकेश सिंह राठौड़, शीशपाल स्वामी, पवन बारुपाल, रामावतार पारीक, दाननाथ, रविन्द्र खाती, राजेश सोनी, मोहनलाल भुकर, राजेश सोनी (अन्य), रामप्रताप, भागीरथ, दलिप, रामकुमार मुंड, हंसराज सिहाग, कृष्ण शर्मा, सरजीत सिहाग, रामकुमार मेघवाल, महावीर प्रसाद, ओमप्रकाश स्वामी और पूर्णमल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे। किसानों का यह एकजुट प्रयास स्पष्ट संकेत दे रहा है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक बड़े जन-आंदोलन की शक्ल अख्तियार कर सकता है।

Pratahkal Bureau
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