नोहर। राजस्थान के नोहर क्षेत्र में सिंचाई जल की किल्लत और जर्जर नहरों की समस्या ने अब एक निर्णायक मोड़ ले लिया है। नववर्ष के प्रथम दिन, क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों किसानों ने भाजपा नेता काशीराम गोदारा के निवास पर एकत्रित होकर अपनी दशकों पुरानी पीड़ा को स्वर दिया। किसानों ने हरियाणा के नहराना हेड से राजस्थान की सीमा सीपी-4 तक फैली 27 किलोमीटर लंबी नहर की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए एक नई 'नोहर फीडर' नहर के निर्माण की पुरजोर मांग की है। यह मांग केवल एक बुनियादी ढांचे के सुधार की नहीं, बल्कि क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को नया जीवन देने की एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है।

किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने गोदारा को विस्तार से अवगत कराया कि हरियाणा क्षेत्र में स्थित यह 27 किलोमीटर का नहरी हिस्सा वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे पानी का रिसाव और टेल तक आपूर्ति न होना एक स्थायी समस्या बन गई है। किसानों ने पुरजोर वकालत की कि हरियाणा सरकार से डीपीआर स्वीकृत करवाकर वहां 332 क्यूसेक क्षमता की एक नई स्वतंत्र नोहर फीडर नहर का निर्माण करवाया जाए। इस मांग पर संवेदनशीलता दिखाते हुए भाजपा नेता काशीराम गोदारा ने किसानों को आश्वस्त किया कि इस गंभीर विषय को लेकर वे निरंतर सक्रिय हैं। गोदारा ने बताया कि हरियाणा में इस 332 क्यूसेक की नई नहर के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सिंचाई मंत्री सुरेश रावत और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ सहित उच्चाधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव सौंपकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा चुका है।

गोदारा ने किसानों के बीच प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हरियाणा सरकार से जल्द ही डीपीआर स्वीकृत करवाकर नहराणा हेड से सीपी-4 तक निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ज्वलंत समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता है और वे सदैव किसानों के हितों के लिए ढाल बनकर खड़े रहेंगे। इस दौरान अमरसिंह ब्रांच से जुड़े किसानों ने गोदारा द्वारा अब तक किए गए सार्थक प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में फेफाना, चारणवासी, मलवाणी, रामसरा, ढाणी अराईयान, रतनपुरा, श्योदानपुरा, खिनानिया, रामगढ़, बरवाली, सोनड़ी और ढाणी लालखान सहित क्षेत्र के अनेक गांवों के किसान उपस्थित रहे। किसानों की यह एकजुटता और सरकार स्तर पर जारी पैरवी संकेत दे रही है कि आने वाले समय में नोहर क्षेत्र के खेतों तक निर्बाध पानी पहुंचाने का सपना जल्द ही धरातल पर उतरेगा। यह पहल न केवल सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि राजस्थान-हरियाणा सीमा पर जल प्रबंधन के एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगी।

Narendra Tiwari, Hanumangarh

Narendra Tiwari, Hanumangarh

नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।

Next Story