नोहर के कई वार्डों में कई दिनों से मटमैले पानी की सप्लाई, लोग परेशान
नोहर के कई वार्डों में कई दिनों से मटमैले पानी की सप्लाई से लोग परेशान हैं। शिकायतों के बाद भी समस्या दोबारा सामने आ रही है। वार्डवासियों ने टंकियों, पाइपलाइनों और पेयजल सैंपल की जांच की मांग की है।

तस्वीर में नोहर के एक घर में सप्लाई किया गया मटमैला और दूषित पेयजल बर्तन में भरा हुआ दिखाई दे रहा है।
नोहर, 14 सितम्बर। शहर के अनेक वार्डों में पिछले कई दिनों से दूषित एवं मटमैले पानी की सप्लाई होने से वार्डवासी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि स्थानीय जलदाय विभाग की ओर से लगातार मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा है। पानी की स्थिति ऐसी है कि उसे देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पानी को पर्याप्त रूप से फिल्टर नहीं किया जा रहा है। पानी में मिट्टी जैसी गंदगी तैरती हुई दिखाई दे रही है।
वार्डवासियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है। इस संबंध में कई बार स्थानीय जलदाय विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों के अनुसार शिकायत के बाद कभी-कभार एक-दो दिन साफ पानी की सप्लाई कर दी जाती है, लेकिन दो-तीन दिन बाद फिर वही मटमैला पानी घरों तक पहुंचने लगता है।
वार्डवासियों के अनुसार पहले भी जब इस प्रकार का पानी सप्लाई हुआ था, तब विभाग को इसकी जानकारी दी गई थी। शिकायत के बाद अगले दिन साफ पानी की आपूर्ति हुई, जिससे लोगों को लगा कि समस्या का समाधान हो गया है। लेकिन इसके दो-तीन दिन बाद फिर से नलों में मटमैला पानी आने लगा। मंगलवार को भी पेयजल सप्लाई के दौरान घरों में मटमैला पानी पहुंचा, जिससे लोगों में रोष है।
लोगों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में इस प्रकार की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। मजबूरी में कई परिवार इसी पानी का उपयोग करने को विवश हैं। पानी में मिट्टी एवं अन्य गंदगी तैरती रहने से लोग इसे पीने और खाना बनाने के लिए इस्तेमाल करने को लेकर चिंतित हैं।
वार्डवासियों ने कहा कि यदि विभाग को समस्या की जानकारी होने के बावजूद लगातार ऐसा पानी सप्लाई किया जा रहा है तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि प्रभावित वार्डों में पेयजल सप्लाई व्यवस्था की तत्काल जांच करवाई जाए। पानी की टंकियों और पाइपलाइनों की जांच के साथ पेयजल के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करवाई जाए, ताकि मटमैले पानी की वास्तविक वजह सामने आ सके।
लोगों ने मांग की है कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक कम से कम साफ एवं स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वार्डवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद यदि समस्या बनी रहती है तो जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। लोगों ने प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की है।

Narendra Tiwari, Hanumangarh
नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।
