नोहर, 24 नवंबर (तिवाड़ी)। श्रीमती नर्बदा देवी बिहानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नोहर में विद्यार्थियों के लिए 'भारतीय ज्ञान परंपरा एवं विज्ञान' विषय पर एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर अमरसिंह मूनपरिया ने की, जिन्होंने नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान प्रणालियों को दिए गए महत्व पर प्रकाश डाला।

महाविद्यालय की प्रभारी अधिकारी डॉ. वीणा आचार्य ने बताया कि संस्थान में स्थापित भारतीय ज्ञान परंपरा केन्द्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा, संस्कृति, वैज्ञानिक धरोहर, प्राचीन ज्ञान-व्यवस्था और आधुनिक विज्ञान में भारत के योगदान से अवगत कराना है।

कार्यशाला में डॉ. राजेश लखेरा, रमेश वर्मा, सुरेश बामनिया, श्रीमती मीरा और डॉ. ईशा ने वैदिक गणित, आयुर्वेद, खगोलशास्त्र, शून्य की खोज, वास्तु-शास्त्र, योग विज्ञान और प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तर्क, अवलोकन और प्रयोगों पर आधारित रही है।

कार्यशाला के दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। डॉ. राजेश लखेरा ने छात्रों को अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न रोचक उदाहरणों के माध्यम से भारतीय विज्ञान की महानता को समझा।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में न केवल भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को उजागर किया, बल्कि उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की क्षमता को भी प्रोत्साहित किया। महाविद्यालय प्रशासन ने इस कार्यशाला को छात्रों के समग्र विकास और भारतीय सांस्कृतिक-सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक विरासत के संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

Pratahkal Bureau

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