हनुमानगढ़। मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के दौरान बीएलओ (बेसिक लॉकल ऑफिसर) पर बढ़ते कार्यदबाव और मानसिक तनाव को लेकर शिक्षक प्रकोष्ठ कांग्रेस हनुमानगढ़ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष महावीर प्रसाद सहारण ने बताया कि हाल ही में एसआईआर कार्य से जुड़े दो बीएलओ की असमय मृत्यु हुई है। इनमें से एक कर्मचारी ने आत्महत्या की, जबकि दूसरे की हार्ट अटैक से मौत हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अत्यधिक कार्यदबाव को इन घटनाओं का संभावित कारण माना जा रहा है।

सहारण ने कहा कि यह स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील है। उन्होंने चुनाव आयोग और राज्य सरकार से तत्काल संज्ञान लेकर विस्तृत जांच करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या एसआईआर प्रक्रिया सरकारी कर्मचारियों पर मानसिक दबाव डाल रही है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और भारी कार्यदबाव केवल शिक्षकों पर डाला जा रहा है, जो कि अनुचित और अनुशासनहीन कार्यशैली का स्पष्ट संकेत है।

उन्होंने यह भी बताया कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य तक को बीएलओ के रूप में कार्य सौंपा जा रहा है, जिससे न केवल उनके पद की गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि विद्यालय संचालन में भी बाधा आती है। सहारण ने याद दिलाया कि कोरोना महामारी के समय यही कर्मचारी जनता की सेवा में जीवन जोखिम में डालकर लगे थे, और आज वही कर्मचारी अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव झेल रहे हैं।

शिक्षक प्रकोष्ठ कांग्रेस ने प्रशासन से स्पष्ट तौर पर मांग की है कि बीएलओ पर अनावश्यक बोझ तुरंत कम किया जाए, कार्य आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य व सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सहारण ने चेताया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो शिक्षक प्रकोष्ठ कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन पर भी विचार करेगा।

यह घटना न केवल सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर प्रभाव डालती है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और कर्मचारियों के कल्याण पर भी सवाल उठाती है। हनुमानगढ़ में बीएलओ पर बढ़ते दबाव और उसके गंभीर परिणाम प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।

Narendra Tiwari, Hanumangarh

Narendra Tiwari, Hanumangarh

नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।

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