नोहर, 17 नवंबर। राज्य की भाजपा सरकार पर किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीनता का आरोप लगाते हुए नोहर विधायक अमित चाचणा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य का किसान छोटी-बड़ी परेशानियों के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर है। उनका कहना था कि सरकार समस्याओं के समाधान के बजाय लाठी के बल पर किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

विधायक अमित चाचणा ने बताया कि किसानों को डीएपी की खरीद के लिए सर्दी की ठिठुरती हवाओं में लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है और बीमा कंपनियां करोड़ों रुपये के फसल बीमा दावों को लगातार टाल रही हैं। उन्होंने कहा, "अगर सरकार उतनी ही ताकत किसानों को रोकने में लगाती जितनी वह उनकी समस्याओं के समाधान में लगाती तो किसानों को आज सड़कों पर संघर्ष नहीं करना पड़ता।"

चाचणा ने बताया कि ट्रैक्टर मार्च के दौरान जयपुर जा रहे किसानों को पुलिस ने लाठी के बल पर रोका। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार किसानों से इतनी क्यों डरती है, जबकि अलग-अलग जगहों पर नाके लगाकर ट्रैक्टर रोके गए। नोहर फीडर नहर की रिलाइनिंग का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है और हरियाणा से पर्याप्त पानी भी राज्य सरकार नहीं ले पा रही है।

विदित रहे कि विधायक अमित चाचणा ने चुरू सांसद राहुल कस्वां के आह्वान पर जयपुर तक निकलने वाले ट्रैक्टर मार्च में भी भाग लिया था, जिसे पुलिस ने बीच में रोक दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना तो दूर, सरकार उनकी बात तक सुनने के लिए तैयार नहीं है।

विधायक के बयान ने राज्य में किसानों की मुश्किलों और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसानों की लंबित समस्याओं और फसल बीमा में देरी ने आंदोलन को बढ़ावा दिया है, जो कि कृषि क्षेत्र में सरकार की जवाबदेही पर व्यापक बहस का कारण बन रहा है।

Pratahkal Bureau

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