हनुमानगढ़, 26 दिसंबर। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा रामदास के खिलाफ राजस्थान सरकार एवं अन्य प्रकरण में पारित आदेश 24 जनवरी 2024 के अनुपालन में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, जयपुर ने हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के सभी ईंट भट्टों को फायरिंग गतिविधियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

क्षेत्रीय अधिकारी श्री सुधीर यादव ने बताया कि क्षेत्रीय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईंट भट्टों की जलाई (फायरिंग) कार्यवाही की अवधि निर्धारित की गई है। इसके अनुसार हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिले के सभी ईंट भट्टों में फायरिंग केवल छः महीने अर्थात् 1 जनवरी से 30 जून तक ही अनुमत होगी।

श्री यादव ने स्पष्ट किया कि आदेश की पालना पूरी तरह से अनिवार्य है और 1 जनवरी से 30 जून की अवधि में ही ईंट भट्टों में फायरिंग की जा सकती है। यदि 1 जुलाई से 31 दिसंबर के बीच किसी भी ईंट भट्टे में फायरिंग गतिविधि पाई जाती है, तो क्षेत्रीय कार्यालय, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, हनुमानगढ़ द्वारा उस भट्टे पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस आदेश के माध्यम से राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि जिले में धुएं और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से कृषि और शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ सकती है।

हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर में ईंट उद्योग से जुड़े सभी व्यवसायियों और कर्मचारियों के लिए यह आदेश अहम है, क्योंकि इसकी अवहेलना सीधे कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने का कारण बन सकती है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल का यह निर्णय स्थानीय उद्योग और पर्यावरण दोनों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे क्षेत्रीय प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके और स्वास्थ्य पर इसके प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सके।

Pratahkal Newsroom

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