हनुमानगढ़: गोगाजी गोगामेड़ी नववर्ष मेला 2026 में लोक संस्कृति का भव्य उत्सव, शोभायात्रा और सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां
हनुमानगढ़ के गोगाजी गोगामेड़ी में नववर्ष मेला 2026 के तहत भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। पंच-गौरव कार्यक्रम में राजस्थान की लोक कला, नृत्य और संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित किया।

हनुमानगढ़, 31 दिसंबर। राजस्थान की आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का संगम एक बार फिर हनुमानगढ़ जिले के प्रसिद्ध राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर श्री गोगाजी गोगामेड़ी में देखने को मिला, जहां नववर्ष मेला 2026 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं और दर्शकों को सांस्कृतिक वैभव से सराबोर कर दिया। 29 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक चल रहे इस ऐतिहासिक मेले की श्रृंखला में पंच-गौरव कार्यक्रम (एक जिला–एक पर्यटन) के तहत मंगलवार को भव्य शोभायात्रा और रंगारंग सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।
शोभायात्रा का शुभारंभ मशक वादन दल, सूरतगढ़ द्वारा किया गया, जिसके पश्चात सूरतगढ़ और बीकानेर के सजे-धजे रोबीले ग्रुप पंच-गौरव का बैनर लेकर आगे बढ़े। शेखावाटी की प्रसिद्ध चंग-ढप कला के साथ श्री गोगाजी की स्तुति करते हुए सरदारशहर का डेरू ग्रुप, पाबूसर (चूरू) का ढोल-थाली ग्रुप, स्थानीय कलाकारों द्वारा बीन, बांसुरी और भपंग वादन तथा बीकानेर ग्रुप द्वारा प्रस्तुत कच्छी घोड़ी लोक नृत्य ने शोभायात्रा को जीवंत कर दिया। सजे-धजे ऊँटों के काफिले और नाचते-गाते कलाकारों के साथ यह शोभायात्रा गोरख टीला से निकलकर श्री गोगाजी मंदिर तक पहुँची, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही।
इसी क्रम में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ सुफी बैंड, बाड़मेर द्वारा ढोल, भपंग, मोरचंग और खड़ताल की जुगलबंदी के साथ सुफी गायन से हुआ। इसके बाद भवाई लोक नृत्य (बीकानेर), कालबेलिया लोक नृत्य (जोधपुर), किशनगढ़, अजमेर का प्रसिद्ध चरी लोक नृत्य, सरदारशहर का डेरू ग्रुप द्वारा गोगाजी की स्तुति तथा श्रीगंगानगर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पंजाबी लोक नृत्य भांगड़ा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान महंत रूपनाथ ने माला पहनाकर भादरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव बैनीवाल का स्वागत किया। आयोजन में उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट (मेला मजिस्ट्रेट) नोहर राहुल श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती गीता चौधरी, उपाध्यक्ष संजीव कटेवा, थानाधिकारी श्री संतोष, पूर्व सरपंच मागू सिंह, सहायक आयुक्त ओमप्रकाश मय देवस्थान टीम, पर्यटन अधिकारी श्री पवन कुमार शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
नववर्ष मेला 2026 की सांस्कृतिक श्रृंखला का अगला चरण बुधवार को सायं 7 बजे मुख्य मंदिर के समीप स्थित कार्यक्रम स्थल पर आयोजित होने वाली भजन संध्या के रूप में सामने आएगा। इस अवसर पर स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा बीन, भपंग और बांसुरी की जुगलबंदी के साथ श्री गोगाजी की स्तुति की जाएगी। इसके साथ ही बीकानेर और अजमेर की राजस्थानी लोक गायन पार्टियों की प्रस्तुतियाँ, राजस्थानी घूमर नृत्य, मशक वादन, कच्छी घोड़ी लोक नृत्य तथा पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सजे रोबीले श्रद्धालुओं की कला प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी। कार्यक्रम का समापन पंजाबी लोक नृत्य भांगड़ा के कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ किया जाएगा।
गोगाजी गोगामेड़ी में आयोजित यह नववर्ष मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह आयोजन राजस्थान की लोक संस्कृति, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

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