जयपुर, 4 नवंबर 2025।

राजस्थान में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने आखिरकार सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। राजधानी जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सोमवार देर रात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आवास पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए। सरकार ने घोषणा की है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जाएगा, जबकि ओवरस्पीडिंग के बार-बार मामलों में भी कठोर कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा किसी भी सूरत में लापरवाही का विषय नहीं हो सकता। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें नहीं लेने वाले जिलाधिकारियों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि भारी वाहन चालकों के लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान प्रस्तुत की जाने वाली आंखों की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, 15 नवंबर से 15 फरवरी तक पूरे प्रदेश में ट्रक चालकों की आंखों की जांच विशेष अभियान के रूप में करवाई जाएगी।

सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के माध्यम से शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जाए, ताकि गोल्डन ऑवर में उचित उपचार मिल सके।

भजनलाल शर्मा ने परिवहन और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जो वाहन चालक बार-बार ओवरस्पीडिंग करते हैं या शराब के नशे में वाहन चलाते हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को शीघ्र सुधारने और अवैध कटों को बंद करने के आदेश दिए। जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर, जयपुर-कोटा और जयपुर-भरतपुर हाईवे पर ट्रक चालकों व यात्रियों के लिए आधुनिक आराम स्थलों की व्यवस्था हेतु भूमि चिन्हित करने और निर्माण शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाइवे किनारे अवैध ढाबों, पार्किंग स्थलों और निर्माणों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देश दिया कि भारतमाला परियोजना और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे सभी अवैध निर्माणों को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर संकेतक, ट्रक ले-बाई और स्लिप लाइन के साइनबोर्ड तय स्थानों पर लगाए जाएं।

भजनलाल शर्मा ने जोर देकर कहा कि निर्धारित स्थानों को छोड़कर हाइवे पर वाहन रोकने वालों पर भी कार्रवाई की जाए और इन व्यवस्थाओं की निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी करें। परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि ट्रांसपोर्ट कंपनियों द्वारा वाहन चालकों से ओवरटाइम ड्राइविंग करवाने की स्थिति में कंपनी की जिम्मेदारी तय की जाए और सख्त कार्रवाई हो। सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण होने वाले हादसों को देखते हुए सड़कों पर रिफ्लेक्टर्स लगाने के भी आदेश दिए गए।

सीएम ने सभी जिला कलक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि सभी व्यस्ततम राजमार्गों पर अवैध कटों को बंद किया जाए और रेलिंग लगाई जाए। गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जहां यातायात नियमों का उल्लंघन अधिक होता है, वहां इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती की जाए। नो एंट्री जोन में तय समय से पहले या बाद में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर भी कार्रवाई हो तथा इन जोन के समय और क्षेत्रों की पुनः समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने जयपुर पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि राजधानी की रात्रिकालीन ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए। साथ ही, यातायात पुलिस बल को आवश्यकता अनुसार बढ़ाने और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता करने वाले नागरिकों को सम्मानित करने के भी निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा को लेकर इस बार भजनलाल सरकार का रुख बेहद कठोर नजर आ रहा है। आने वाले पंद्रह दिनों तक चलने वाला यह विशेष अभियान प्रदेश में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।

Pratahkal Bureau

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