हनुमानगढ़, 3 नवंबर। जिले के मेहनती किसानों के लिए कृषि विभाग ने एक बड़ा अवसर प्रदान किया है। कृषि की आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और उन्नत प्रथाओं को अपनाने के उद्देश्य से नॉलेज एन्हांसमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत हनुमानगढ़ जिले के किसानों को देश के विभिन्न राज्यों में अंतरराज्यीय प्रशिक्षण और भ्रमण का मौका दिया जा रहा है। यह पहल किसानों की क्षमता वृद्धि और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

परियोजना निदेशक एवं कृषि उप निदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र डूडी ने बताया कि इस योजना के तहत जिले को सामान्य श्रेणी में दो अंतरराज्यीय कृषक प्रशिक्षण तथा एक कृषक भ्रमण कार्यक्रम का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। प्रत्येक दल में 40 युवा कृषकों का चयन किया जाएगा, जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होगी। प्रशिक्षण अवधि अधिकतम सात दिवस, जिसमें यात्रा का समय भी शामिल होगा, निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि चयनित कृषकों को उन्नत कृषि पद्धतियों, डेयरी एवं पशुपालन, मत्स्य पालन, हाईटेक उद्यानिकी जैसे ग्रीन हाउस व फ्लोरिकल्चर, खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन तकनीक, जल उपयोग दक्षता वृद्धि तथा कपास जिंनिंग प्रक्रिया जैसे विषयों पर राज्य के बाहर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अन्य विषयों पर भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा सकते हैं।

डॉ. डूडी ने बताया कि प्रगतिशील कृषक, जो कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन या कृषि प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय हैं, आवेदन के पात्र होंगे। राज्य या जिला स्तर पर पुरस्कृत किसानों तथा महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि पिछले तीन वर्षों में विभागीय योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कृषकों की पुनरावृत्ति न हो।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से सरल और पारदर्शी रखी गई है। किसान ई-मित्र केंद्र, राजकिसान साथी पोर्टल या राज किसान सुविधा मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने जनआधार नंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि ऐप मॉड्यूल सक्रिय न हो, तो इच्छुक किसान कृषि उप निदेशक एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा, हनुमानगढ़ के कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन भी जमा करा सकते हैं। आवेदन में कृषक का नाम, आयु, शिक्षा, मोबाइल नंबर, आधार व जनआधार नंबर, पूरा पता और कृषि गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण दर्ज करना आवश्यक होगा।

कृषकों का चयन कृषि संयुक्त निदेशक (वि.) की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। समिति प्राप्त आवेदनों की जांच कर पात्र किसानों का चयन करेगी। विभाग ने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे 15 नवंबर, 2025 तक अपना आवेदन अनिवार्य रूप से जमा करवाएं ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम समयबद्ध तरीके से संपन्न किए जा सकें।

यह योजना न केवल किसानों को नई तकनीकों से रूबरू कराएगी बल्कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक सोच और नवाचार की दिशा में भी एक नई राह प्रशस्त करेगी। हनुमानगढ़ के कृषकों के लिए यह अवसर उनके अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का द्वार साबित हो सकता है।

Pratahkal Bureau

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