नोहर, 11 दिसंबर: राठीखेड़ा गांव में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर मंगलवार को हुई तनावपूर्ण घटना ने हनुमानगढ़ जिले में किसान आंदोलन को एक नया रूप दे दिया है। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला महासचिव मंगेज चौधरी ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण यह विवाद उभरकर सामने आया।

मंगेज चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि किसान समिति लगातार दोपहर तीन बजे तक जिला प्रशासन से वार्ता की मांग कर रही थी, लेकिन प्रशासन ने किसानों की बातों को दरकिनार कर दिया। मौके पर मौजूद स्थानीय अधिकारियों ने घटना से पहले जिला प्रशासन को पूरी जानकारी दी थी, लेकिन उच्चाधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय मामले को हल्के में लिया।

घुसपैठ और असंतोष के चलते गुस्साए किसान फैक्ट्री की ओर कूच कर गए। मंगेज चौधरी ने कहा कि अब प्रशासन दबाव की राजनीति कर रहा है और किसानों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी किसान को गिरफ्तार करने की कोशिश की गई तो जिले के सभी सरकारी दफ्तरों का घेराव किया जाएगा।

इसके जवाब में जिला प्रशासन ने मंगेज चौधरी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। प्रशासन का कहना है कि किसानों को लिखित में वार्ता का न्योता भेजा गया था, लेकिन किसानों ने वार्ता से इनकार कर फैक्ट्री की ओर बढ़ना चुना। मंगेज चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो यह बवाल नहीं होता।

उन्होंने आगे कहा कि संघर्ष समिति और अखिल भारतीय किसान सभा 17 दिसंबर को कलेक्टेट घेराव करेंगे। मंगेज चौधरी ने प्रशासन पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते फैक्ट्री के काम को रोका नहीं गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं और आंदोलन पूरे राजस्थान में फैल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार को पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ फायरिंग तक करने के प्रयास किए थे। इसके अलावा 125 किसान और किसान नेताओं के खिलाफ जानलेवा हमले के झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पत्रकार वार्ता के दौरान मंगेज चौधरी ने बताया कि बुधवार की घटना में उनका पैर भी टूट गया था। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ की धरती किसानों की है और मुकदमों या पुलिस कार्रवाई से उनका संघर्ष कमजोर नहीं होगा।

Narendra Tiwari, Hanumangarh

Narendra Tiwari, Hanumangarh

नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।

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