हनुमानगढ़, राजस्थान: जिले के टिब्बी क्षेत्र में किसानों ने इथेनॉल फैक्ट्री के निर्माण के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि किसानों ने गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और फैक्ट्री के निर्माण स्थल पर विरोध स्वरूप दीवारें गिरा दीं।


स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया। हालांकि किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाला गया, लेकिन यह विरोध आंदोलन इलाके में सुरक्षा और शांति की चुनौती बन गया।

किसानों का कहना है कि इथेनॉल फैक्ट्री उनके जीवन और खेती पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि राजस्थान जैसे क्षेत्र में जहाँ भूजल पहले से ही संकटग्रस्त है, इथेनॉल प्लांट स्थापित होने से जलस्रोत और नहरों पर निर्भर जीवन प्रभावित होगा। किसान यह भी कहते हैं कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बावजूद सरकार ने किसानों को कोई वास्तविक लाभ नहीं पहुँचाया है।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने यह योजना ईंधन की उपलब्धता और उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई है। हालांकि किसानों की ओर से लगातार विरोध जारी रहने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।


इस आंदोलन ने राज्य में औद्योगिक विकास और ग्रामीण जल संसाधनों के संतुलन के मुद्दे पर नई बहस शुरू कर दी है। किसानों का यह आंदोलन केवल स्थानीय विरोध नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में कृषि और जल सुरक्षा को लेकर चिंता का प्रतीक बन गया है।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसानों और सरकारी योजनाओं के बीच तालमेल और संवाद की आवश्यकता है, ताकि विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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