हनुमानगढ़, 28 नवम्बर। आमजन की भूली-बिसरी वित्तीय संपत्तियों को उनके असली हकदारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को टाउन–जंक्शन रोड स्थित जीएम रिसॉर्ट में जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष के तहत जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम ने न केवल लोगों को अनक्लेम्ड धनराशि के बारे में जागरूक किया, बल्कि वर्षों से निष्क्रिय पड़ी बैंक जमा, बीमा पॉलिसियां, निवेश और अन्य वित्तीय दावों को वापस पाने की प्रक्रिया को भी सरल और स्पष्ट रूप में सामने रखा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि सरकार और आरबीआई का यह संयुक्त प्रयास जनता की पूंजी को सुरक्षित रूप से सही व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आपकी जमा पूंजी आपका अधिकार है और इसे वापस पाने में किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। कलेक्टर ने अनक्लेम्ड संपत्तियों के निपटान में पारदर्शिता, सुगमता और व्यापक जागरूकता को अभियान का मुख्य आधार बताया।

आरबीआई के एजीएम अखिलेश तिवारी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि देशभर में हजारों बैंक खाते, बीमा योजनाएं, डिविडेंड, शेयर और म्यूचुअल फंड वर्षों से बिना अपडेट पड़े हैं, जिनमें से अधिकतर 10 वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय हैं। उन्होंने कहा कि आरबीआई की यह पहल नागरिकों को उनकी बिना दावे वाली धनराशि लौटाने के लिए एक मजबूत और संगठित व्यवस्था उपलब्ध कराती है।

शिविर के दौरान लोगों को अनक्लेम्ड बैंक जमा, बीमा दावे, शेयर और अन्य वित्तीय निवेश वापस प्राप्त करने की विस्तृत प्रक्रिया समझाई गई। विभिन्न बैंक, बीमा कंपनियों, पेंशन विभाग, सेबी और आईपीएफ के प्रतिनिधियों ने केवाईसी अपडेट, दावा प्रपत्र भरने, दस्तावेज सत्यापन और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के दौरान वित्तीय क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकों को वित्तीय सेवाएं विभाग मंत्रालय (RBI) द्वारा सम्मानित भी किया गया।

आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी लंबित या भूली हुई वित्तीय संपत्तियों को वापस प्राप्त करने के लिए आवश्यक परामर्श लिया। शिविर में एजीएम एसबीआई सुनील श्योराण, एजीएम आरएमजीबी मनोज शारदा, एलडीएम बलविंदर सिंह, एसबीआई के चीफ मैनेजर राजकुमार नंदा और नीरव चौधरी, पीएनबी के चीफ मैनेजर सुखविंदर सिंह, आईसीआईसीआई के चीफ मैनेजर अश्विनी गर्ग तथा एफसीसी के वीरेंद्र कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

यह जिला स्तरीय पहल न केवल वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि जनता की वर्षों पुरानी वित्तीय परिसंपत्तियों को पुनः जीवित कर आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी बन रही है।

Pratahkal Bureau

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