हनुमानगढ़ में हाड़ कंपाती ठंड के बीच एक्शन में जिला कलक्टर: रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची
हनुमानगढ़ में कड़ाके की ठंड के बीच जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने देर रात रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। जंक्शन बस स्टैंड पर सुविधाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने नगर परिषद आयुक्त सुरेन्द्र यादव को अतिरिक्त चारपाई और बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए। अन्नपूर्णा रसोई के जरिए ₹8 में भोजन और निःशुल्क रजाई-बिस्तर की सुविधा सुनिश्चित कर प्रशासन ने जरूरतमंदों को बड़ी राहत दी है।

हनुमानगढ़। रेगिस्तानी अंचल में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बढ़ते प्रकोप ने जब जनजीवन को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है, तब जिला प्रशासन की सक्रियता धरातल पर नजर आने लगी है। मानवता के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रशासनिक मुस्तैदी का परिचय देते हुए जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने शुक्रवार की सर्द रात को रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। रात के सन्नाटे और लगभग 11.30 बजे के शून्य होते तापमान के बीच जब शहर गहरी नींद में था, तब जिला कलक्टर जंक्शन बस स्टैंड स्थित रैन बसेरे की व्यवस्थाएं टटोल रहे थे। इस औचक निरीक्षण के दौरान उनके साथ नगर परिषद आयुक्त सुरेन्द्र यादव भी मौजूद रहे, जिन्हें व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के कड़े निर्देश दिए गए।
कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने रैन बसेरे के भीतर जाकर वहां ठहरे हुए असहाय और जरूरतमंद लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से फीडबैक लिया कि क्या उन्हें कड़ाके की ठंड से बचने के लिए पर्याप्त संसाधन मिल रहे हैं या नहीं। रैन बसेरे में उपलब्ध सुविधाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के बाद, उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को निर्देशित किया कि यहां अतिरिक्त चारपाइयों की तत्काल व्यवस्था की जाए ताकि आने वाले दिनों में किसी भी जरूरतमंद को खुले आसमान के नीचे सोने पर मजबूर न होना पड़े। प्रशासन का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि जिले में कोई भी व्यक्ति संसाधनों के अभाव में शीत लहर की चपेट में न आए।
निरीक्षण का सिलसिला केवल रैन बसेरे तक ही सीमित नहीं रहा। जिला कलक्टर डॉ. यादव इसके पश्चात मुख्य बाजार की ओर रुख कर गए, जहां उन्होंने डिवाइडर और दुकानों के बरामदों में शरण लिए हुए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने बेहद आत्मीयता के साथ इन लोगों को समझाइश की कि वे खुले में रहकर अपने स्वास्थ्य को जोखिम में न डालें। कलक्टर ने उन्हें अवगत कराया कि प्रशासन द्वारा रैन बसेरों में रजाई, बिस्तर और आश्रय की निःशुल्क एवं पुख्ता व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से मात्र आठ रुपये में पौष्टिक और भरपेट भोजन की सुविधा भी उपलब्ध है, ताकि शहर में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।
इस औचक निरीक्षण और प्रशासनिक सक्रियता ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि हनुमानगढ़ जिला प्रशासन कड़ाके की इस ठंड में अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नगर परिषद आयुक्त सुरेन्द्र यादव को व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित और सुचारू रखने की हिदायत देते हुए डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि रैन बसेरों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस सजगता ने न केवल जरूरतमंदों को राहत प्रदान की है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक और मानवीय संदेश भी संप्रेषित किया है।

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