हनुमानगढ़, 5 दिसम्बर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर जोखिमों और ऑनलाइन अपराधों को देखते हुए हनुमानगढ़ में शनिवार को एक प्रभावशाली और जागरूकता-सम्पन्न डिजिटल सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। ‘नई चेतना 4.0 – पहल बदलाव की’ अभियान के तहत राजीविका (राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद्) और यूएन-विमेन ने संयुक्त रूप से इस कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल हिंसा, साइबर सुरक्षा और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे उभरते ऑनलाइन खतरों के प्रति शिक्षित और सक्षम बनाना था।

जिला परिषद हॉल में आयोजित इस कार्यशाला की शुरुआत जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव के संबोधन से हुई। उन्होंने डिजिटल हिंसा की बढ़ती घटनाओं और ‘डिजिटल अरेस्ट’ की गम्भीरता पर विस्तृत जानकारी देते हुए महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दी। कलेक्टर ने महिलाओं को निर्देश दिया कि वे अपनी ग्राम संगठन तथा क्लस्टर स्तर की बैठकों में इस विषय पर अवश्य चर्चा करें और अपने-अपने गांवों में कम से कम 20 महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि यह अभियान एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप ले सके। इस मौके पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओपी बिश्नोई भी उपस्थित रहे।

यूएन-विमेन की स्टेट कोऑर्डिनेटर मुक्ता अरोड़ा ने प्रतिभागियों को डिजिटल हिंसा के रूप, उसके तरीकों और इसके दूरगामी प्रभावों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने मोबाइल फोन और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स—सोशल मीडिया, भुगतान एप्लिकेशन और अन्य ऑनलाइन सेवाओं—का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने की तकनीकें साझा कीं। साथ ही, उन्होंने साइबर क्राइम की रिपोर्टिंग के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों, शिकायत निवारण प्रणालियों और हेल्पलाइन सेवाओं की भी जानकारी दी, जिससे महिलाएं किसी भी प्रकार के ऑनलाइन शोषण के विरुद्ध प्रभावी कदम उठा सकें।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के एसीपी आशीष सिहाग ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ की अवधारणा पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जो हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ता साइबर धोखाधड़ी का तरीका बनकर सामने आया है। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार अपराधी सरकारी अथवा कानूनी अधिकारियों के नाम पर लोगों को धमकाकर आर्थिक और व्यक्तिगत जानकारी हड़प लेते हैं, और इससे बचने के लिए कौन-से सुरक्षात्मक कदम जरूरी हैं।

कार्यक्रम के समापन पर राजीविका जिला परियोजना प्रबंधक वैभव अरोड़ा ने सभी महिलाओं से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने समूहों और गांवों में अन्य महिलाओं तक पहुँचाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा आज की अनिवार्य आवश्यकता है और जागरूकता ही इसका सबसे सशक्त हथियार है। विभिन्न विभागों—महिला एवं बाल विकास, पुलिस और चिकित्सा विभाग—के अधिकारियों की उपस्थिति ने इस पहल को और अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाया।

यह कार्यशाला न केवल महिलाओं को डिजिटल दुनिया के खतरों से सुरक्षित रहने के तरीके सिखाने में सफल रही, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और तकनीकी जागरूकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे गई।

Narendra Tiwari, Hanumangarh

Narendra Tiwari, Hanumangarh

नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।

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