नोहर। नगर पालिका से जुड़े ठेकेदारों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को नगर पालिका कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। ठेकेदारों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। धरने के कारण दिनभर नगर पालिका परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

धरने पर बैठे ठेकेदारों का कहना है कि बिना किसी विधिवत कार्य आदेश के उन पर दो प्रतिशत प्लेनटी लगाए जाने की कार्रवाई पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित कार्यों के लिए आवश्यक प्रक्रिया का पालन किए बिना ही आर्थिक दंड थोपा जा रहा है, जिससे ठेकेदारों को अनावश्यक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही ठेकेदारों ने यह भी बताया कि एसडी राशि वापस हो जाने के बावजूद मैमस टांक बॉर्डर्स को वसूली के नोटिस जारी कर दिए गए, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

ठेकेदारों ने अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बसंत सैनी से वार्ता भी की, लेकिन बातचीत के दौरान किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी। वार्ता विफल रहने के बाद ठेकेदारों में और अधिक आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया।

धरने के दौरान ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष भादर राव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ठेकेदार मौजूद रहे। इस मौके पर रामकुमार टिडियासर, मुरारी पारिक, युनूस टांक, राधेश्याम जोईया, पूर्णाराम पारिक, रामकुमार सहित अन्य ठेकेदार भी धरने पर बैठे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।

नगर पालिका के समक्ष जारी यह धरना न केवल ठेकेदारों की आर्थिक परेशानियों को उजागर करता है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों के बीच बढ़ते टकराव की ओर भी इशारा करता है। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो इसका असर नगर के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ना तय माना जा रहा है।

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Pratahkal Bureau

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