नोहर, 21 नवंबर। नोहर उपजिला चिकित्सालय में वर्षों से प्रतीक्षित ब्लड बैंक का भवन बनकर तैयार हो गया है, लेकिन आवश्यक उपकरणों के अभाव में इसका संचालन आज तक शुरू नहीं हो पाया है। इस कारण मरीजों को गंभीर परिस्थितियों में रक्त उपलब्ध कराने में अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2023 में नोहर उपजिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक के लिए भवन निर्माण हेतु 55 लाख और उपकरणों के लिए 22 लाख रुपये की स्वीकृति एक साथ प्रदान की गई थी। स्वीकृत बजट के अनुसार भवन निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया और लगभग एक वर्ष पूर्व तकनीकी रूप से चिकित्सालय को हैंडओवर भी कर दिया गया। हालांकि, उपकरणों के लिए स्वीकृत 22 लाख का बजट अभी तक जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण ब्लड बैंक शुरू नहीं हो पा रहा है।

चिकितालय प्रशासन के अनुसार, भवन तैयार होने के बावजूद केवल उपकरणों की अनुपलब्धता ही इसकी संचालन क्षमता को बाधित कर रही है। इस स्थिति ने न केवल मरीजों के जीवन को जोखिम में डाला है, बल्कि क्षेत्र की बड़ी जनसंख्या के लिए यह गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन रही है। विशेष परिस्थितियों में रक्त की तत्काल आवश्यकता होने पर मरीजों के परिजन अन्य निजी ब्लड बैंकों या बाहर से रक्त लाने को मजबूर हैं, जिससे समय की हानि होती है और मरीज की स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है।

नागरिकों और स्थानीय स्वास्थ्य संगठनों ने बार-बार ब्लड बैंक संचालन की मांग की है। मिशन स्वास्थ्य सेवा समिति के अध्यक्ष एडवोकेट कन्हैया लाल मित्रुका और हनुमान प्रसाद व्यास ने उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में बताया गया कि ब्लड बैंक भवन निर्माण पूर्ण होने के बावजूद उपकरणों के अभाव में इसका संचालन अभी तक नहीं हो पाया है। समिति ने स्वीकृत 22 लाख रुपये के उपकरण बजट को तुरंत जारी कर ब्लड बैंक का संचालन शुरू करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रीय जनता को समय पर जीवनरक्षक सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

इसके अलावा, समिति ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले भी नोहर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था। नोहर उपखंड एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी को देखते हुए ब्लड बैंक का संचालन अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर रक्त की उपलब्धता न होने से गंभीर स्वास्थ्य स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जो सीधे जनजीवन पर प्रभाव डालती हैं।

अब सवाल यह है कि जब भवन निर्माण पूरा हो चुका है और तकनीकी रूप से चिकित्सालय को सौंपा जा चुका है, तो उपकरणों की उपलब्धता में विलंब क्यों हो रहा है। क्षेत्र के नागरिक और स्वास्थ्य संगठन इसके लिए तत्काल प्रशासनिक कदमों की अपेक्षा कर रहे हैं, ताकि नोहर में ब्लड बैंक का संचालन शीघ्र आरंभ हो और मरीजों को राहत मिल सके।

Narendra Tiwari, Hanumangarh

Narendra Tiwari, Hanumangarh

नरेंद्र तिवारी, हनुमानगढ़ से, प्रात:काल न्यूज के अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों की विश्वसनीय कवरेज के लिए जाने जाते हैं। नरेंद्र का लेखन स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और पाठकों के लिए सीधे जानकारी पहुँचाने वाला है। उनकी रिपोर्टिंग में समाज की घटनाओं, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन दृष्टिकोण देखने को मिलता है। लगातार खबरों की सटीक और निष्पक्ष प्रस्तुति के कारण वे पाठकों के बीच विश्वास और सम्मान अर्जित कर चुके हैं।

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