नोहर, 27 नवम्बर। पूर्व सांसद एवं तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ ने गुरुवार को राठी अनुसंधान केंद्र और कृषि विज्ञान केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र के विभिन्न विभागों और इकाइयों का अवलोकन करते हुए प्राकृतिक खेती, देशी गाय—विशेषकर राठी नस्ल में अनुसंधान एवं प्रसार की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

बाबा बालकनाथ ने पशुपालन विभाग के कार्मिकों से संवाद कर किसानों को नवीनतम तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ने तथा स्वावलंबी बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने केंद्र की अजोला इकाई, कुक्कुट इकाई, बकरीपालन इकाई, चारा इकाई और फसल तकनीकी पार्क का भी विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने राठी गाय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस नस्ल के संरक्षण और प्रसार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

केंद्र में नस्ल सुधार और कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए चलाये जा रहे कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के साथ-साथ नवीन तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्र के प्रभारी डॉ. सुरेश चंद काँटवा, पशुविज्ञान विशेषज्ञ डॉ. विक्रमजीत सिंह, शस्य वैज्ञानिक डॉ. अशोक चौधरी, बागवानी विशेषज्ञ डॉ. गुलाब चौधरी सहित केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही, तहसीलदार बजरंग लाल कुलहरि और पशुपालन विभाग के अन्य कार्मिक भी मौजूद थे।

Pratahkal Bureau

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