किसान आंदोलन के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला: हनुमानगढ़ में एथेनॉल प्लांट पर उच्च स्तरीय समिति गठित, राज्य सरकार तक पहुंचा मामला
हनुमानगढ़ में एथेनॉल प्लांट को लेकर किसान संगठनों और जिला प्रशासन के बीच हुई अहम वार्ता के बाद राज्य सरकार ने 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। भू-जल दोहन और पर्यावरणीय प्रभावों की जांच के बीच किसान हितों को प्राथमिकता देने का भरोसा प्रशासन ने दिलाया।

हनुमानगढ़, 17 दिसंबर।
एथेनॉल प्लांट को लेकर किसानों की आशंकाओं और जनभावनाओं के बीच बुधवार को हनुमानगढ़ में एक अहम प्रशासनिक पहल सामने आई। किसान संगठनों और जिला प्रशासन के बीच कलेक्ट्रेट सभागार में हुई विस्तृत वार्ता के बाद राज्य सरकार स्तर पर निर्णय के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल आंदोलनरत किसानों को भरोसा दिलाया, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता को भी स्पष्ट किया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क और चिंताएं रखीं। वार्ता के दौरान बनी सहमति के अनुसार किसान संगठनों ने जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्राप्त होने के बाद जिला कलेक्टर ने स्थानीय जनभावनाओं, पर्यावरणीय पहलुओं और संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लोकहित में समुचित निर्णय के लिए राज्य सरकार को पत्र सहित ज्ञापन प्रेषित किया।
बैठक में मौजूद आयोजना शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसान हितों की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं एडीजी पुलिस बिजु जॉर्ज जोसफ ने किसान प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर कार्यवाही के लिए प्रतिबद्ध है।
एथेनॉल प्लांट से संभावित भू-जल दोहन और पर्यावरणीय प्रदूषण को लेकर उठी गंभीर चिंताओं के मद्देनज़र राज्य सरकार ने मंगलवार को पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति प्लांट से जुड़े सभी पर्यावरणीय और तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी। उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर को संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई संयुक्त बैठक में इस समिति के गठन पर सहमति बनी थी, जिसे अब औपचारिक रूप दे दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, आईजी पुलिस हेमंत शर्मा, पूर्व हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर (आईएएस) काना राम, पुलिस अधीक्षक हरी शंकर, जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीना सहित संयुक्त किसान मोर्चा और संघर्ष समिति के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी पक्षों की मौजूदगी ने वार्ता को व्यापक और निर्णायक स्वरूप प्रदान किया।
कुल मिलाकर, एथेनॉल प्लांट को लेकर जारी किसान आंदोलन और प्रशासनिक संवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। उच्च स्तरीय समिति का गठन और राज्य सरकार तक मामला पहुंचना इस बात का संकेत है कि भविष्य में इस परियोजना पर कोई भी फैसला किसानों, पर्यावरण और लोकहित को केंद्र में रखकर ही लिया जाएगा।
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Pratahkal Bureau
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