हनुमानगढ़, 2 दिसंबर। रावतसर ब्लॉक में जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल के रूप में 4 दिसंबर, 2025 को ग्राम पंचायत पोहड़का में भव्य ब्लॉक स्तरीय वाटरशैड महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पंचायत समिति रावतसर की प्रधान श्रीमती सरस्वती देवी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और उच्च अधिकारियों की उपस्थिति कार्यक्रम को विशेष बनायेगी।

अधीक्षण अभियंता एवं पदेन परियोजना प्रबंधक वाटरशैड सैल कम डाटा सेंटर, श्री महेंद्र सिंह ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाएँ (पीएमकेएसवाई 2.0) और मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (द्वितीय चरण) के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं का शुभारंभ, पूर्ण कार्यों का लोकार्पण, श्रमदान, पौधरोपण एवं अन्य गतिविधियाँ संपन्न की जाएंगी।

महोत्सव के नोडल विभाग, जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा ग्राम पंचायत पोहड़का और रामपुरा मटोरिया के कुल 15 गांवों में स्वीकृत परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। पीएमकेएसवाई 2.0 के तहत राज्य सरकार द्वारा 20.75 करोड़ रुपये की डीपीआर स्वीकृत की गई है, जिसमें 10 गांव पोहड़का के और 5 गांव रामपुरा मटोरिया के शामिल हैं। इस योजना के अंतर्गत 242 कृषकों के फार्म पोंड एवं खेत तलाई, 156 कृषकों के खेतों में टांका निर्माण, 4 रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, 9 सार्वजनिक टांके और 3 जोहड़/तालाब का निर्माण कराया जाएगा।

परियोजना के माध्यम से लगभग 700 लघु एवं सीमांत कृषक तथा भूमिहीन लाभार्थियों को फलोद्यान, बकरी पालन, सब्जी उत्पादन और अन्य कृषि गतिविधियों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। योजना क्षेत्र में स्वीकृत राशि का 2 प्रतिशत प्रवेश बिंदु गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया है। इसके तहत विद्यालयों में प्रार्थना स्थल मय शेड, बाल वाटिका, रूफटॉप हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर और गौशाला में खैल निर्माण जैसे 13 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

महोत्सव के दौरान परियोजना क्षेत्र के काश्तकारों को टांका निर्माण, खेत तलाई निर्माण, सार्वजनिक जल संरचनाओं के विकास और उत्पादन गतिविधियों से संबंधित जानकारी दी जाएगी। ग्राम पंचायत पोहड़का के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वीकृत प्रार्थना स्थल मय शेड का लोकार्पण कर परियोजना कार्यों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (द्वितीय चरण) के तहत विभिन्न विभागों द्वारा 1.44 करोड़ रुपए के कार्य भी परियोजना क्षेत्र में सम्पन्न कराए जाएंगे। इनमें कृषि विभाग, उद्यान विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, ग्राउंड वाटर विभाग और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कुल 36 कार्य शामिल हैं, जो क्षेत्र के सतत जल संरक्षण और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

यह महोत्सव न केवल जल संरक्षण और कृषि विकास के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल साबित होगा, बल्कि स्थानीय कृषकों और ग्रामीण समुदाय को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।

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Pratahkal Bureau

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