नोहर की ग्राम पंचायत 22 एन टी आर में कथित मनरेगा और आवास योजना घोटाले की जांच के लिए 100 पेज की पत्रावली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर को भेजी
नोहर की ग्राम पंचायत 22 एन टी आर में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित घोटाले की जांच के लिए 100 पेज की पत्रावली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर को भेजी गई। पत्रावली में अपात्र लाभार्थियों, फर्जी हाजिरी और राजकोषीय हानि जैसी गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया गया है।

नोहर। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की ग्राम पंचायत 22 एन टी आर में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ी और घोटाले की शिकायत ने राज्य प्रशासन और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों का ध्यान खींचा है। स्थानीय निवासी मदनलाल सैनी ने 8 नवंबर को 100 पेज की संपूर्ण पत्रावली राजस्थान के महानिदेशक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय जयपुर को भेजी, जिसमें योजनाओं में हुए कथित अनियमितताओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।
पत्रावली की प्रतियां मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पंचायतीराज मंत्री और प्रमुख शासन सचिव कार्मिक विभाग को भी भेजी गई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत 22 एन टी आर नोहर में प्रधानमंत्री आवास योजना में ऐसे लाभार्थियों को शामिल किया गया जिन्होंने इसके पात्रता मापदंडों को पूरा नहीं किया। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनके कोठीनुमा मकान हैं, घर में एसी लगी हुई है, या बिना मकान बनाए ही भुगतान प्राप्त किया गया। पत्रावली में दोषियों के खिलाफ वसूली और निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
इसके अलावा, जिला परिषद के निर्देश पर बनी जांच समिति द्वारा की गई जांच में भी कई खामियां उजागर हुई हैं। जांच के दौरान पता चला कि कई लाभार्थी अपात्र हैं और राशि वसूली योग्य है। मनरेगा योजना में फर्जी हाजिरी और फोटो जालसाजी के माध्यम से राजकोषीय हानि होने की भी शिकायत की गई है। शिकायत में यह उल्लेख है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद हनुमानगढ़ द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव जारी किए गए थे, लेकिन विकास अधिकारी, पंचायत समिति नोहर ने कार्रवाई लंबित रखी। इस संदर्भ में दोनों के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग की गई है।
पत्रावली में यह भी लिखा गया है कि विकास अधिकारी द्वारा घोटाले की इति-श्रृंखला जारी करना और नोटिस जारी करना, जबकि राजकोषीय गबन, राजकोष में सेंधमारी और पद के दुरुपयोग जैसे अपराध प्रमाणित हैं, चिंता का विषय है। परिवार और शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष एजेंसी से पूरी जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि और गड़बड़ियों का खुलासा हो सके और राज्य को हुए राजस्व हानि की भरपाई की जा सके।
इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच अत्यंत गंभीरता से की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता की पत्रावली ने न केवल प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि यह दर्शाया है कि पारदर्शिता और कड़े निगरानी तंत्र की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
