हनुमानगढ़ में माटी कला कामगारों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद विद्युत चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें वितरित
हनुमानगढ़ में श्रीयादे माटी कला बोर्ड ने 93 कला कामगारों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद विद्युत चालित चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें निःशुल्क वितरित कीं। राज्य सरकार की इस योजना से माटी कला व्यवसाय में तकनीकी सुधार, उत्पादन वृद्धि और कारीगरों की आय में सुधार की उम्मीद है।

हनुमानगढ़, 18 नवम्बर। परंपरागत माटी कला को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए श्रीयादे माटी कला बोर्ड राजस्थान ने जिले के कला कामगारों को बड़ी सौगात दी। बजट घोषणा 2025-26 के तहत जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों से चयनित 93 माटी कला कामगारों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण के पश्चात विद्युत चालित चाक एवं मिट्टी गूंथने की मशीनें निःशुल्क प्रदान की गईं।
यह कार्यक्रम हनुमानगढ़ के सेवा विकलांग आश्रम में आयोजित किया गया, जिसमें माटी कला बोर्ड के सीईओ डॉ. राहुलराज ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य माटी कला कार्य को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करना और कारीगरों के रोजगार में स्थिरता लाना है। उन्होंने बताया कि इन मशीनों से कारीगरों की मेहनत कम होगी, लागत घटेगी और उत्पाद की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव होगी।
डॉ. राहुलराज ने इस अवसर पर यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित कारीगर अधिक उत्पादन कर सकेंगे और बाजार की मांग के अनुरूप प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ पाएंगे। इससे न केवल माटी कला व्यवसाय को पुनर्जीवित किया जा सकेगा, बल्कि युवा वर्ग को इस परंपरागत कला से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि श्री अमित सहू ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रही हैं और इस तरह की पहल देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करेगी। उन्होंने बताया कि इससे माटी कला कामगारों के परिवारों में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
जनप्रतिनिधि श्री पवन बागोरिया ने विद्युत चालित चाक और मिट्टी गूंथने की मशीन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे समय की बचत होगी, उत्पादन बढ़ेगा और कामगार नए व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से पारंपरिक कला को नया स्वरूप मिलेगा और यह रोजगार के बेहतर स्रोतों में बदल जाएगी।
कार्यक्रम में सेवा विकलांग आश्रम के संचालक श्री हेमंत गोयल, श्री बलवंतसिंह निडर, जिले के गणमान्य नागरिक और सैकड़ों माटी कला कामगार उपस्थित रहे। यह पहल हनुमानगढ़ में माटी कला व्यवसाय को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाने और कारीगरों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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Pratahkal Bureau
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