रणथंभौर में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस (API), राजस्थान चैप्टर के 38वें वार्षिक अधिवेशन RAJAPICON-2026 का रविवार, 25 अक्टूबर को समापन हुआ। 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 1100 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया। चिकित्सकों की रिकॉर्ड भागीदारी और व्यापक वैज्ञानिक कार्यक्रमों के चलते इसे राजस्थान API के इतिहास का सर्वाधिक सफल अधिवेशन बताया गया। इस आयोजन ने सहभागिता का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए राजस्थान API के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा।

API के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.के. पारीक और डॉ. गिरीश माथुर ने अधिवेशन की सफलता की सराहना की। उन्होंने इसे चिकित्सा शिक्षा और वैज्ञानिक विमर्श की दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन बताया। उनके अनुसार, चिकित्सा विज्ञान में उभरती संभावनाओं, नवीनतम शोध, आधुनिक उपचार पद्धतियों और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पर हुई चर्चा चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन तथा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. पुनीत सक्सेना ने भी अधिवेशन को सफल और ज्ञानवर्धक आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक सम्मेलन चिकित्सकों की सतत चिकित्सा शिक्षा (Continuing Medical Education—CME), नवीनतम शोध के प्रसार और चिकित्सा विज्ञान में हो रहे बदलावों से चिकित्सकों को अवगत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अधिवेशन के वैज्ञानिक सत्रों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, संक्रामक रोग, हृदय रोग, नवीन औषधियों, नैदानिक अनुसंधान और उभरती चिकित्सा तकनीकों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने नवीनतम शोध निष्कर्षों, अद्यतन नैदानिक दिशानिर्देशों और आधुनिक उपचार पद्धतियों के व्यावहारिक उपयोग से जुड़े अनुभव साझा किए। सत्रों में रोगों की शीघ्र पहचान, सटीक निदान, मरीजों की जरूरतों के अनुरूप व्यक्तिगत उपचार रणनीतियों और बेहतर नैदानिक परिणामों पर विशेष जोर दिया गया। इन वैज्ञानिक कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा साक्ष्यों और उपचार की आधुनिक विधियों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

इस अधिवेशन में API राजस्थान के चेयरमैन डॉ. प्रकाश केसवानी, पूर्व चेयरमैन डॉ. संजीव माहेश्वरी और महासचिव डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी की महत्वपूर्ण भूमिका और उपस्थिति रही। डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने अधिवेशन के शैक्षणिक और संगठनात्मक समन्वय में योगदान दिया। उनके प्रयासों से वैज्ञानिक कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित संचालन, चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी और नवीनतम चिकित्सा ज्ञान के प्रभावी आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिला।

RAJAPICON-2026 के आयोजन में ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. आर.के. जैन, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुमीत गर्ग और साइंटिफिक चेयरपर्सन डॉ. मीनाक्षी शारदा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन समिति ने वैज्ञानिक कार्यक्रमों की योजना बनाने, विभिन्न सत्रों के समन्वय, विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने और चिकित्सकों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों का सुव्यवस्थित संचालन करने के लिए समन्वित प्रयास किए। इन प्रयासों से अधिवेशन को व्यापक सहभागिता वाले महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मंच के रूप में विकसित करने में मदद मिली।

दो दिवसीय RAJAPICON-2026 का समापन चिकित्सा शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ। 1100 से अधिक चिकित्सकों की भागीदारी ने राजस्थान API की संगठनात्मक क्षमता और वैज्ञानिक गतिविधियों के विस्तार को नई पहचान दी। अधिवेशन को चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभवों के आदान-प्रदान को मजबूत बनाने तथा मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया। यह जानकारी RAJAPICON-2026 के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुमीत गर्ग ने दी।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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