Kharmaas 2025 auspicious works : ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है, तब शुरू होता है खरमास या मलमास। यह अवधि मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि के लिए वर्जित मानी जाती है। साल 2025 में यह समय 16 दिसंबर से 14 जनवरी 2026 तक रहेगा। धार्मिक दृष्टि से यह समय संयम, साधना और आत्मचिंतन के लिए सर्वोत्तम माना गया है, जिससे व्यक्ति आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकता है।

हालांकि, इस पूरे माह में कुछ शुभ कार्य किए जा सकते हैं, जिन्हें करने से किसी प्रकार की बाधा नहीं आती। शास्त्रों में सूर्य देव की पूजा, विष्णु देव की आराधना, तीर्थ यात्रा और पवित्र नदियों में स्नान को विशेष फलदायी बताया गया है। इसके साथ ही अन्न, वस्त्र और कंबल दान, गाय की सेवा और मंदिरों या पवित्र नदी के तट पर दीपदान करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।

Kharmaas 2025 auspicious works

आध्यात्मिक साधना के रूप में मंत्रों का जप और भगवद गीता का पाठ या सुनना मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। यदि कोई नया भवन या घर बनाने की योजना है, तो भूमि पूजन और नींव पूजन इस दौरान किया जा सकता है, क्योंकि यह सीधे गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य की श्रेणी में नहीं आता। हालांकि, गृह प्रवेश की पूजा खरमास समाप्त होने के बाद ही करनी चाहिए।

इस प्रकार खरमास न केवल संयम और साधना का समय है, बल्कि इस दौरान किए गए कुछ विशेष धार्मिक कार्य आपके जीवन में आध्यात्मिक और मानसिक शांति लाते हैं। सही समय पर किये गए शुभ कार्य से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन में बाधाओं से भी सुरक्षा मिलती है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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