भगवान शिव के क्रोध से बने 'कालभैरव' की आखिर क्यों होती है पूजा, जानिए दिलचस्प कथा..
मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाई जाने वाली कालभैरव जयंती, भगवान शिव के रौद्र रूप की पूजा का पर्व है, जो अधर्म और अहंकार के विनाश का प्रतीक माना जाता है।

कालभैरव जयंती 2025
हिंदू पंचांग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व, कालभैरव जयंती, हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह पर्व भगवान शिव के उग्र और रौद्र रूप कालभैरव की आराधना के रूप में मनाया जाता है और अधर्म, अहंकार तथा नकारात्मक शक्तियों के विनाश का प्रतीक माना जाता है।
कालभैरव जयंती मनाने का कारण:
पौराणिक कथाओं के अनुसार, सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी के भीतर अहंकार का उदय हुआ। उन्होंने स्वयं को सृष्टि का सर्वोच्च शक्तिशाली मान लिया और अपनी सत्ता का दंभ बढ़ाया। उनके इस अहंकार और अधर्म ने समस्त देवताओं और लोकों को प्रभावित किया। इसे देख भगवान शिव ने न्याय और धर्म की स्थापना के लिए अपने क्रोध से कालभैरव का रूप धारण किया। कालभैरव ने ब्रह्मा के अहंकार का दमन किया और उन्हें ब्रह्महत्या के पाप का बोध कराया। इस पाप से मुक्ति पाने के लिए ब्रह्मा जी ने तीर्थ यात्रा शुरू की और अंततः काशी पहुंचकर प्रायश्चित किया।
इस प्रकार कालभैरव जयंती केवल भगवान कालभैरव की उपासना का पर्व नहीं है, बल्कि यह अधर्म, अहंकार और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का स्मारक भी है। यह पर्व हमें यह सीख देता है कि जब न्याय और धर्म की रक्षा की आवश्यकता होती है, तब ईश्वर स्वयं रौद्र रूप धारण कर अधर्म का नाश करते हैं।
इस वर्ष कालभैरव जयंती 12 नवंबर 2025, बुधवार को मनाई जाएगी। यह पर्व मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है, जिसे कालाष्टमी या भैरव अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विशेष रूप से निशा काल यानी रात्रि में पूजा करना श्रेष्ठ फलदायक माना जाता है। भक्त इस अवसर पर कालभैरव की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाकर, काले तिल, उड़द, नारियल, और पुष्प अर्पित कर प्रार्थना करते हैं।
कालभैरव जयंती न केवल आध्यात्मिक शुद्धि और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह यह भी स्मरण कराती है कि जब अहंकार और अधर्म की सीमा लांघ जाती है, तब न्याय और धर्म की स्थापना के लिए ईश्वर स्वयं रौद्र रूप धारण करते हैं। इस पर्व से व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और आध्यात्मिक शक्ति, साहस और आत्मशुद्धि का विकास होता है।
- Kaalbhairav JayantiKaal Bhairav PujaKaalbhairav KathaKaalbhairav MandirKashi KotwalShiv Roudra RoopHindu FestivalKaalbhairav AartiKaalbhairav StotraKaalbhairav VratBhairav WorshipKaalbhairav SignificanceKaalbhairav UtsavKaalbhairav jayanti kab manate hainKaalbhairav Jayanti 2025KaalBhairav jayanti kyu manate hainkaalbhairav ki pooja kaise kareinKaalbhairav jayanti muhuratkaalbhairav jayanti ritualskaalbhairav jayanti tithi aur pooja vidhikaalbhairav jayanti pooja tithiPratahkal DailyPratahkal NewsIndia

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
