2026 में कब मनाया जाएगा ईस्टर? जानें सही दिन और अंडों का ईस्टर से कनेक्शन
ईस्टर 2026, 5 अप्रैल को मनाया जाएगा। यह पर्व यीशु मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है और ईसाई धर्म का प्रमुख उत्सव है। जानें इसका इतिहास, महत्व, तिथि निर्धारण और विश्वभर में मनाई जाने वाली परंपराएं।

ईस्टर एग्स
हर वर्ष विश्वभर में मनाया जाने वाला ईस्टर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, त्याग और पुनर्जन्म की गहरी कहानी का प्रतीक है। वर्ष 2026 में ईस्टर 5 अप्रैल को मनाया जाएगा, जब करोड़ों ईसाई श्रद्धालु Jesus Christ के पुनरुत्थान की स्मृति में विशेष प्रार्थनाएं और समारोह आयोजित करेंगे। यह पर्व मानवता के लिए आशा, विश्वास और नए जीवन की शुरुआत का संदेश देता है।
पुनरुत्थान की कथा:
ईस्टर का मूल आधार बाइबिल के न्यू टेस्टामेंट में वर्णित वह घटना है, जिसमें बताया गया है कि यीशु मसीह को रोमन शासन के दौरान सूली पर चढ़ाया गया था और उनके निधन के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए। यह घटना लगभग 30 ईस्वी के आसपास मानी जाती है और ईसाई धर्म के प्रमुख स्तंभों में से एक है।
ईस्टर से पहले 40 दिनों का “लेंट” (उपवास, प्रार्थना और आत्मचिंतन का काल) आता है, जो आत्मशुद्धि और संयम का प्रतीक है। इसके बाद “होली वीक” शुरू होता है, जिसमें महत्वपूर्ण दिन शामिल होते हैं:
- पाम संडे: यीशु का यरूशलम में प्रवेश
- मॉन्डी थर्सडे: अंतिम भोज की स्मृति
- गुड फ्राइडे: क्रूस पर चढ़ाए जाने का दिन
- ईस्टर संडे: पुनरुत्थान का उत्सव
ईस्टर की तिथि हर वर्ष बदलती है, क्योंकि यह एक "मूवेबल फेस्ट" है। इसका निर्धारण 325 ईस्वी में हुई नाइसिया परिषद के निर्णय के अनुसार किया जाता है- वसंत विषुव (Spring Equinox) के बाद आने वाले पहले पूर्णिमा के बाद का पहला रविवार ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। इसी कारण यह कभी मार्च के अंत में तो कभी अप्रैल में पड़ता है।
परंपराएं और सांस्कृतिक विविधता:
दुनिया भर में ईस्टर विभिन्न परंपराओं और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया जाता है। चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं, रातभर की जागरण सभाएं और सूर्योदय सेवाएं आयोजित होती हैं। इसके अलावा:
- रंगीन अंडों को सजाना और साझा करना, जो नए जीवन का प्रतीक हैं
- “ईस्टर बनी” और एग हंट जैसी गतिविधियां, विशेषकर बच्चों में लोकप्रिय
- चर्चों में “ईस्टर लिली” फूलों से सजावट
- पारंपरिक भोजन जैसे भेड़ का मांस और हॉट क्रॉस बन्स
ईस्टर केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि ईसाई धर्म के मूल सिद्धांत मृत्यु पर जीवन की विजय का प्रतीक है। धर्मशास्त्र के अनुसार, यीशु का पुनरुत्थान यह दर्शाता है कि विश्वास और ईश्वर में आस्था रखने वालों के लिए मृत्यु अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
कई देशों में ईस्टर के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है। गुड फ्राइडे और ईस्टर मंडे भी कई देशों में छुट्टियों के रूप में मान्य हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान बड़े पैमाने पर उत्सव, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियां होती हैं। ईस्टर का पर्व हर वर्ष यह याद दिलाता है कि कठिनाइयों और अंधकार के बाद प्रकाश और नई शुरुआत संभव है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन में आशा, विश्वास और पुनर्जन्म के महत्व को स्थापित करने वाला एक वैश्विक संदेश है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
