सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच प्रकट हुए महादेव ; महाकाल मंदिर की जमीन से मिला विशाल शिवलिंग
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के दौरान उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर के पास खुदाई में एक विशाल प्राचीन शिवलिंग मिला। निर्माण कार्य रोका गया है और विशेषज्ञ इसकी ऐतिहासिकता व संरचना की जांच कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता और बढ़ सकती है।

ज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर विस्तार कार्य के दौरान जमीन से प्रकट हुए प्राचीन शिवलिंग
मध्य प्रदेश के धार्मिक नगर उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के दौरान एक ऐसी खोज सामने आई है, जिसने आस्था, इतिहास और प्रशासन तीनों को एक साथ केंद्र में ला दिया है। महाकालेश्वर मंदिर परिसर के निकट चल रहे निर्माण कार्य के दौरान जमीन के भीतर से एक विशाल शिवलिंग के प्रकट होने की घटना ने पूरे क्षेत्र में उत्सुकता और श्रद्धा का माहौल बना दिया है।
यह खोज उस समय हुई जब मंदिर विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गेट नंबर-4 के पास टनल और वेटिंग हॉल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। शुक्रवार सुबह लगभग 4 बजे, जब पोकलेन मशीन से जमीन को समतल करने का काम जारी था, तभी मशीन ऑपरेटर की नजर मिट्टी के बीच उभरी एक आकृति पर पड़ी। जांच करने पर यह एक बड़ा शिवलिंग निकला। तत्काल साइट इंजीनियर दीपक पटेल और मंदिर प्रशासन को इसकी सूचना दी गई।
#WATCH | Ujjain, Madhya Pradesh: During the ongoing construction for Simhastha 2028, a large Shivalinga was discovered while excavating near the Mahakaleshwar Temple complex in Ujjain
— ANI (@ANI) May 1, 2026
The discovery was made while heavy machinery was clearing land for the temple's expansion… pic.twitter.com/1avcIJGPnD
घटना के बाद एहतियातन निर्माण कार्य को तुरंत रोक दिया गया। मौके पर पहुंचे पुजारियों और स्थानीय लोगों ने शिवलिंग का विधिवत पूजन-अर्चन किया और फिलहाल उसे उसी स्थान पर सुरक्षित रखा गया है। जैसे ही यह खबर फैली, बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचने लगे और दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह शिवलिंग परमार कालीन हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी शेष है।
साइट इंजीनियर दीपक पटेल के अनुसार, खुदाई के दौरान शिवलिंग के साथ अन्य प्राचीन अवशेष मिलने के संकेत भी मिले हैं। उन्होंने संभावना जताई कि यहां नंदी की प्रतिमा जैसे अवशेष भी हो सकते हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि स्थल को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे।
अधिकारियों का कहना है कि पुरातात्विक विशेषज्ञों को बुलाकर इस खोज का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा रहा है। जांच के माध्यम से यह निर्धारित किया जाएगा कि यह शिवलिंग कितनी प्राचीन है और क्या यह किसी पुराने मंदिर संरचना का हिस्सा रहा है। यदि यह प्राचीन धरोहर साबित होती है, तो उज्जैन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ सकता है।
धार्मिक दृष्टि से यह घटना विशेष महत्व रखती है, क्योंकि उज्जैन पहले से ही एक प्रमुख ज्योतिर्लिंग स्थल है और हर 12 वर्षों में आयोजित होने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऐसे में इस तरह की खोज को कई लोग एक शुभ संकेत के रूप में भी देख रहे हैं। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच हुई यह अप्रत्याशित खोज न केवल धार्मिक आस्था को और गहरा कर रही है, बल्कि उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व को भी नए सिरे से रेखांकित कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के परिणाम इस रहस्य से और परतें हटाएंगे, जिन पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
