केरल के प्राचीन और पवित्र मंदिर सबरीमला में इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए 41-दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा, मंडला पूजा 2025, आरंभ हो गई है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष की भांति श्रद्धा, तपस्या और भक्ति का प्रतीक है। इस वर्ष यह आयोजन लगभग 17 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर 27 दिसंबर 2025 को अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंचेगा, जब मुख्य मंडला पूजा का विधिपूर्वक आयोजन मंदिर में किया जाएगा।

मंडला पूजा का महत्व अय्यप्पा भक्तों के लिए अत्यधिक है। यह 41 दिनों की कठोर तपस्या और संयम का समय होता है, जिसमें श्रद्धालु सरल जीवन और कड़े नियमों का पालन करते हैं। इस दौरान भक्त विशेष रूप से काले वस्त्र धारण करते हैं और शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धिकरण पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पूजा में मंत्रोच्चारण, विशेष अनुष्ठान और उपवास जैसी परंपराएँ शामिल होती हैं, जो भक्तों को आंतरिक शांति और दिव्यता की अनुभूति कराती हैं।

सबरीमला और अन्य अय्यप्पा मंदिरों में इस अवसर पर विशेष रूप से 'गोल्डन अंक' (संग्रहीत पवित्र वस्त्र) की आराधना और पूजा की जाती है। इसके साथ ही अन्नदानम का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु और आम जनता सम्मिलित होकर सामूहिक भोजन का आनंद लेते हैं। यह केवल भौतिक भोजन का आयोजन नहीं है, बल्कि एक सामाजिक और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक भी है।

इस वर्ष मंडला पूजा की तैयारियाँ मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, व्यवस्थित आवागमन और पूजा स्थल पर अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत मंदिर में प्रवेश, दर्शन और भक्तों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कई सुरक्षा और स्वास्थ्य उपाय लागू किए गए हैं।

मंडला पूजा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह भक्तों के लिए आत्म-अनुशासन और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा भी है। इस अवधि में भक्त व्यक्तिगत जीवन में संयम, नैतिकता और सेवा की भावना को अपने व्यवहार में उतारते हैं। यही कारण है कि यह पर्व आज भी विश्वभर के अय्यप्पा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बना हुआ है।

इस वर्ष मंडला पूजा के समापन के दिन, 27 दिसंबर 2025, मंदिर में आयोजित मुख्य पूजा और अनुष्ठानों के माध्यम से भक्तों की आस्था और भक्ति का भव्य प्रदर्शन होगा। यह अवसर केवल धार्मिक महत्व का नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और आध्यात्मिक अनुशासन का भी उत्सव है। पूरे देश और विदेशों में मौजूद अय्यप्पा मंदिरों में भक्त इस पर्व का आनंद लेते हैं और अपनी श्रद्धा का प्रदर्शन करते हैं।


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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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