preah vihear mandir dispute Thailand Cambodia : थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद एक बार फिर उभरकर सामने आया है। विवाद का केंद्र 11वीं शताब्दी का प्रेह विहियर मंदिर है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। हाल ही में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़पों और एयर स्ट्राइक ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। थाईलैंड का दावा है कि कंबोडियाई सैनिकों ने सोमवार तड़के उनकी सीमा पर हमला किया, जिसमें एक थाई सैनिक की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए।

प्रेह विहियर मंदिर पर विवाद की जड़ 1907 में फ्रांसीसी शासन द्वारा बनाए गए नक्शे तक जाती है। इस नक्शे में मंदिर कंबोडिया की सीमा में था, जबकि थाईलैंड का कहना है कि 1904 की संधि के अनुसार दांगरेक पर्वत की वॉटरशेड लाइन को सीमा मानना चाहिए, जिससे मंदिर थाईलैंड में आता है। इस ऐतिहासिक विवाद का समाधान 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने कंबोडिया के पक्ष में सुनाया, लेकिन मंदिर के आसपास के क्षेत्र का नियंत्रण अनसुलझा रहा।

900 साल पुराने शिव मंदिर को लेकर थाईलैंड-कंबोडिया के बीच नई तनातनी

2008 में प्रेह विहियर मंदिर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में दर्ज कराने के बाद थाई- कंबोडिया तनाव फिर बढ़ा। इसके परिणामस्वरूप कई हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें दर्जनों सैनिकों की मौत और हजारों नागरिक विस्थापित हुए। 2013 में ICJ ने पुनः पुष्टि की कि मंदिर और इसके आसपास का क्षेत्र कंबोडिया की संप्रभुता में है, लेकिन थाईलैंड ने द्विपक्षीय वार्ता के अलावा किसी भी अंतरराष्ट्रीय दखल को अस्वीकार किया।

कंबोडिया के लिए यह मंदिर खमेर विरासत और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है, जबकि थाईलैंड में इसे राष्ट्रीय गर्व और ऐतिहासिक अधिकार के रूप में देखा जाता है। हाल के विवादों ने दोनों देशों की राजनीतिक और सैन्य संरचना को प्रभावित किया। थाईलैंड में प्रधानमंत्री पद की कुर्सी तक विवाद की लकीर पहुंची, जब एक लीक फोन कॉल ने तनाव को और बढ़ा दिया।

इस लंबे समय से चल रहे विवाद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्राचीन धार्मिक स्थल और सीमा निर्धारण दोनों देशों के लिए भावनात्मक और रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, और कोई भी छोटा-सा झटका व्यापक राजनीतिक और सैन्य प्रतिक्रिया को जन्म दे सकता है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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