जयपुर की सर्द शाम, ताज अमेर होटल की रोशनी और वैदिक मंत्रोच्चार की मधुर गूंज इन्हीं के बीच कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय और हरियाणा की शिप्रा शर्मा ने 5 दिसंबर 2025 को सात फेरे लेकर एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। यह विवाह केवल एक समारोह नहीं बल्कि परंपरा, आस्था और शाही वैभव का अद्वितीय संगम बन गया, जिसमें राजस्थान की संस्कृति और ब्रज की भक्ति दोनों झलकती रहीं।

होटल ताज अमेर को इस अवसर पर “मिनी वृंदावन” की तरह सजाया गया था। फूलों की सुरभित माला, शंख-ध्वनि, ढोल-नगाड़ों की ताल और भक्ति-संगीत ने वातावरण को ऐसा बना दिया मानो पूरा आयोजन किसी आध्यात्मिक महाकाव्य का जीवंत दृश्य हो। विवाह पूरी तरह हिन्दू–वैदिक विधियों के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें 100 से अधिक पंडितों ने मंत्रोच्चार किया और प्रत्येक रस्म वरमाला, कन्यादान, सप्तपदी परंपरा की गंभीरता के साथ निभाई गई।

इंद्रेश ने हल्के गुलाबी कुर्ता-धोती तथा पारंपरिक शेरवानी में राजसी अंदाज़ अपनाया, जबकि शिप्रा शर्मा लाल लहंगे और भारी पारंपरिक ज्वैलरी में एक शाही दुल्हन के रूप में दिखाई दीं। फेरों और वरमाला के दौरान ली गई उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जिन्हें लाखों लोगों ने आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ साझा किया।

समारोह में देशभर से संत, कथावाचक, भजन-गायक और कई चर्चित धार्मिक हस्तियाँ शामिल हुईं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित कई प्रमुख संतों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। मेहमानों की सूची भक्ति जगत, सोशल मीडिया और सांस्कृतिक जगत के प्रमुख चेहरों से सजी रही, जिससे समारोह की भव्यता और अधिक बढ़ गई। बताया जाता है कि होटल की सजावट, सुरक्षा, अतिथि सत्कार और वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्था पर भारी खर्च हुआ, हालांकि आधिकारिक तौर पर कुल खर्च का खुलासा नहीं किया गया।

शादी से पहले वृंदावन में हल्दी, मेहंदी और संगीत जैसे पारंपरिक कार्यक्रम हुए, जिनमें बड़ी संख्या में भक्त और अनुयायी उपस्थित रहे। जयपुर में मुख्य विवाह समारोह के दौरान सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय रहा, ताकि बड़े पैमाने पर आए लोगों को कोई असुविधा न हो।

विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव बन गया, जिसने सनातन वैदिक परंपराओं की सुंदरता और उनके आधुनिक समाज पर प्रभाव को फिर से उजागर किया। ताज अमेर में एक रात के भीतर रचा गया यह विवाह लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में भव्यता, अनुशासन और आध्यात्मिक गरिमा के प्रतीक के रूप में दर्ज रहेगा।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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