हरियाणा के यमुनानगर की मूल निवासी शिप्रा शर्मा और वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने 5 दिसंबर 2025 को जयपुर के ऐतिहासिक ताज आमेर होटल में वैदिक रीति‑रिवाज के साथ विवाह किया। यह आयोजन न केवल दो परिवारों का मिलन था, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से एक भव्य उत्सव के रूप में उभरा।

शिप्रा शर्मा की पारिवारिक पृष्ठभूमि साधारण‑सम्मानजनक मानी जाती है। उनके पिता पूर्व में पुलिस विभाग में डीएसपी के पद पर कार्यरत रहे हैं। वर्तमान में उनका परिवार पंजाब के अमृतसर में निवास करता है। शादी की तैयारी और आयोजन में पारंपरिक वैदिक संस्कारों का पूर्ण पालन किया गया।

विवाह समारोह की भव्यता और इसकी सामाजिक‑धार्मिक महत्ता इसे विशेष बनाती है। दूल्हा इंद्रेश उपाध्याय एक जाने-माने कथावाचक, भजन‑गायक और युवा धार्मिक प्रेरक हैं, जिनके लाखों अनुयायी हैं और सोशल मीडिया पर उनकी व्यापक उपस्थिति है। उनके नेतृत्व में यह विवाह धार्मिक अनुशासन और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बन गया।

शादी के दिन, ताज आमेर होटल को विशेष रूप से सजाया गया था। वैदिक मंत्रों का उच्चारण करने के लिए 101 पंडितों को बुलाया गया। हल्दी, मेहंदी और संगीत समारोह का आयोजन पारंपरिक रीति और भक्ति‑भाव के साथ किया गया। दुल्हन शिप्रा सुनहरे लहंगे में, और दूल्हा इंद्रेश शेरवानी व पारंपरिक पगड़ी में उपस्थित थे। वरमाला और सात फेरे पूरी विधि‑विधान के अनुसार संपन्न हुए।

इस समारोह में देशभर से साधु‑संत, कथावाचक, महंत और नामी हस्तियां शामिल हुईं। इसने शादी को केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना बना दिया। हजारों भक्त, श्रद्धालु, कलाकार और आम जनता इस उत्सव का हिस्सा बने, जिससे विवाह की गरिमा और भव्यता में और वृद्धि हुई।

5 दिसंबर की सुबह, अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेने के साथ ही यह जोड़ी न केवल आधिकारिक रूप से जीवन के बंधन में बंधी, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। शिप्रा शर्मा और इंद्रेश उपाध्याय की यह जोड़ी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव का प्रतीक बन गई। इस विवाह ने पारंपरिक रीति‑रिवाज और आधुनिक सामाजिक जुड़ाव का एक आदर्श संगम प्रस्तुत किया।

यह विवाह सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्व रखता है। यह न केवल दो व्यक्तियों का मिलन है, बल्कि विभिन्न राज्यों और परंपराओं के लोगों को एक साथ जोड़ने का उत्सव भी बन गया है। शिप्रा और इंद्रेश की जोड़ी भविष्य में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद रखी जाएगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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