आध्यात्मिक महापर्व: शाह सतनाम सिंह जी महाराज के 107वें 'पावन अवतार दिवस' पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
डेरा सच्चा सौदा के दूसरे रूहानी गुरु परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का 107वां पावन अवतार दिवस आज धूमधाम से मनाया जा रहा है। सिरसा समेत देशभर में मानवता भलाई के कार्यों, रक्तदान और विशाल सत्संगों के साथ करोड़ों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। जानिए महाराज जी के जीवन और उनकी अमर आध्यात्मिक विरासत के बारे में।

सिरसा (हरियाणा): 25 जनवरी, 2026
देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन किसी दीपावली से कम नहीं है। डेरा सच्चा सौदा के दूसरे आध्यात्मिक गुरु, परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का 107वां पावन अवतार दिवस आज पूरे विश्व में अभूतपूर्व हर्षोल्लास और मानवता भलाई के कार्यों के साथ मनाया जा रहा है। सिरसा स्थित शाह सतनाम जी धाम में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है, जहाँ 'धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा' के नारों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक तरंगों से ओतप्रोत हो गया है।
एक दैवीय यात्रा: श्री जलालाणा साहिब से रूहानियत के शिखर तक
शाह सतनाम सिंह जी महाराज का अवतार 25 जनवरी, 1919 को हरियाणा के सिरसा जिले के श्री जलालाणा साहिब में हुआ था। पूजनीय माता आस कौर जी और पिता स. वरियाम सिंह जी के घर जन्मे महाराज जी बचपन से ही शांत और परोपकारी स्वभाव के थे।
- सच्चे गुरु की खोज: आत्मिक शांति और परमात्मा की प्राप्ति की तड़प उन्हें डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज के दर पर ले आई।
- कठिन परीक्षाएं: रूहानियत की इस राह पर उन्होंने कई कठिन परीक्षाएं दीं, जिसके बाद 28 फरवरी, 1960 को शाह मस्ताना जी ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित करते हुए 'शाह सतनाम सिंह' का नाम दिया।
मानवता के मसीहा: 11 लाख से अधिक रूहों का उद्धार
शाह सतनाम जी महाराज ने करीब 27 वर्षों तक मानवता की सेवा की। इस दौरान उन्होंने न केवल लोगों को नशे और सामाजिक बुराइयों से मुक्त किया, बल्कि रूहानियत का वह बीज बोया जो आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।
- साहित्य और सत्संग: उन्होंने 20 से अधिक पुस्तकें और 1500 से अधिक रूहानी भजनों की रचना की, जो आज भी भटके हुए लोगों को सही राह दिखाते हैं।
- धर्मों का संगम: उनके मार्गदर्शन में डेरा सच्चा सौदा 'सर्व धर्म संगम' के रूप में उभरा, जहाँ जाति-पाति का कोई भेद नहीं है।
सेवा का संकल्प: 107वें अवतार दिवस पर विशेष पहल
वर्तमान गुरु, संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां के मार्गदर्शन में इस विशेष अवसर को 'परोपकार' के रूप में मनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं द्वारा देश-विदेश में बड़े स्तर पर निम्नलिखित कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं:
- रक्तदान शिविर: हजारों यूनिट रक्त एकत्रित कर जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध कराया गया।
- राशन वितरण: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महीने भर का राशन और जरूरत का सामान बांटा गया।
- स्वच्छता अभियान: कई शहरों में सफाई अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
शाश्वत रूहानी विरासत
परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने सिखाया कि "इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।" उनका 107वां अवतार दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि स्वयं को मानवता के प्रति समर्पित करने का एक नया संकल्प है। आज की यह विराट उपस्थिति प्रमाण है कि प्रेम और सेवा की जो ज्योति उन्होंने जलाई थी, वह आज भी करोड़ों हृदयों को प्रकाशित कर रही है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
