रोहिणी व्रत 2025: जानिए विधि, महत्व, धार्मिक महत्व और पूजा की सही विधि..
रोहिणी व्रत 2025 महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु, परिवार में खुशहाली और मानसिक शांति के लिए मनाया जाता है। यह व्रत भगवान वासुपूज्य और चंद्रदेव की पूजा से जीवन में समृद्धि, सुख और आध्यात्मिक लाभ दिलाता है।

रोहिणी व्रत 2025
रोहिणी व्रत जैन धर्म का एक पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत है, जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु, सुख-शांति, और परिवार में खुशहाली के लिए रखा जाता है। यह व्रत हर महीने रोहिणी नक्षत्र के दिन मनाया जाता है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से सभी प्रकार के दुख, कष्ट, और दरिद्रता दूर होती है तथा जीवन में समृद्धि, शांति, और सफलता प्राप्त होती है। यह व्रत आत्म-संयम, सद्भाव, और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ावा देने वाला माना गया है। साथ ही, यह सभी के मन में पारिवारिक प्रेम और एकता को बढ़ाता है और महिलाओं को धार्मिक एवं सामाजिक स्तर पर विशेष शक्ति प्रदान करता है।
रोहिणी व्रत का धार्मिक महत्व इस बात में है कि इसे जैन धर्म में बारहवें तीर्थंकर, भगवान वासुपूज्य जी के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने के लिए रखा जाता है। इसके अलावा, हिंदू धर्म में भी इसे एक शुभ और फलदायी दिन माना जाता है, जब भगवान कृष्ण और चंद्रदेव की पूजा की जाती है। इस व्रत की कथा और पालन की परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही है, जो जीवन में सुख-शांति के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक लाभ भी देती है। इस वर्ष रोहिणी व्रत 7 नवंबर 2025, गुरुवार को मनाया जाएगा और यह मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया एवं तृतीया तिथि को किया जाता है।
व्रत की विधि और नियम:
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- भगवान वासुपूज्य एवं चंद्रदेव की पूजा करें।
- पूरे दिन अन्न और जल का परहेज करें।
- शाम को पूजा संपन्न कर फलाहार करें और अगले दिन व्रत का पारण करें।
- इस व्रत के दौरान दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
रोहिणी व्रत के लाभ:
- पति की लंबी आयु और घर में सुख-समृद्धि रहती है।
- मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति मिलती है।
- जीवन में समृद्धि, आनंद और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
- कर्म बंधनों से मुक्ति और आत्मा की शुद्धि होती है।
इस व्रत को श्रद्धा और सच्चे मन से करने से न सिर्फ पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली सुनिश्चित होती है, बल्कि यह मानसिक तनाव कम कर संतोष और आंतरिक शांति भी प्रदान करता है। रोहिणी व्रत सामाजिक और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूती देने वाला एक ऐसा अभ्यास है, जो जीवन के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाता है।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
