Pongal : इस बार पोंगल पर 'महासंयोग', जानें किस समय पोंगल उबालना होगा बेहद शुभ
पोंगल 2026 की सही तिथि और शुभ मुहूर्त को लेकर संशय समाप्त! जानें 13 से 16 जनवरी तक चलने वाले इस चार दिवसीय फसल उत्सव का पूरा कैलेंडर, थाई पोंगल का सटीक संक्रांति समय और भोगी से लेकर कानूम पोंगल तक के सभी पारंपरिक रीति-रिवाज। सूर्य उपासना और समृद्धि के इस महापर्व की विस्तृत गाइड यहाँ पढ़ें।

Mattu Pongal 2026 cattle worship traditions : भारत की सांस्कृतिक विविधता और कृषि प्रधान विरासत का प्रतीक 'पोंगल' वर्ष 2026 में अपनी पूरी भव्यता के साथ दस्तक दे रहा है। सूर्य के उत्तरायण होने और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का यह चार दिवसीय उत्सव न केवल तमिल संस्कृति की पहचान है, बल्कि यह देश की एकता का वह सूत्र है जिसे उत्तर भारत में मकर संक्रांति, पंजाब में लोहड़ी और गुजरात में उत्तरायण के रूप में पिरोया जाता है। इस वर्ष ग्रहों की स्थिति और पंचांग के अनुसार, पोंगल का पर्व कई शुभ संयोगों को लेकर आ रहा है।
चार दिवसीय उत्सव का विस्तृत कैलेंडर :
द्रिक पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष पोंगल का शुभारंभ 13 जनवरी से हो रहा है। चार दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का प्रत्येक दिन एक विशेष आध्यात्मिक और सामाजिक अर्थ समेटे हुए है:
- भोगी पोंगल (13 जनवरी, मंगलवार): यह उत्सव का प्रथम दिन है, जो शुद्धिकरण और नवीनीकरण को समर्पित है। इस दिन लोग अपने घरों से पुरानी और व्यर्थ वस्तुओं को अलाव (Bonfire) में जलाकर अतीत की नकारात्मकता का अंत करते हैं और नई शुरुआत का स्वागत करते हैं।
- थाई पोंगल (14 जनवरी, बुधवार): यह मुख्य उत्सव का दिन है। इसी दिन परिवार के सदस्य सूर्य देव की आराधना करते हैं और नए कटे हुए चावल, दूध व गुड़ से पारंपरिक 'विशेष पोंगल' तैयार करते हैं। इसका उफान समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- मट्टू पोंगल (15 जनवरी, गुरुवार): यह दिन उन मूक पशुओं के प्रति सम्मान प्रकट करने का है, जो कृषि कार्य में रीढ़ की हड्डी होते हैं। इस दिन बैलों और गायों को नहलाकर, उनके सींगों को रंग कर और उन्हें माला पहनाकर विशेष भोग खिलाया जाता है।
- कानूम पोंगल (16 जनवरी, शुक्रवार): उत्सव का समापन पारिवारिक मिलन और सामाजिक एकता के साथ होता है। लोग अपने प्रियजनों से मिलते हैं, उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और सामूहिक भोज का आनंद लेते हैं।
शुभ मुहूर्त और समय की गणना :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को थाई पोंगल संक्रांति का क्षण दोपहर 03:13 बजे निर्धारित है। अनुष्ठानों की शुद्धता के लिए निम्नलिखित मुहूर्त विशेष रूप से फलदायी माने गए हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:27 से प्रातः 06:21 तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:15 से दोपहर 02:57 तक (विशेष कार्यों के लिए)।
- अमृत काल: दोपहर 03:23 से शाम 05:10 तक।
- निशिता मुहूर्त (15 जनवरी): मध्यरात्रि 12:03 से 12:57 तक।
कृतज्ञता और संस्कृति का संगम :
पोंगल केवल एक फसल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के उन तत्वों—सूर्य, वर्षा और पशुधन—के प्रति नतमस्तक होने का अवसर है, जिनके बिना मानव जीवन संभव नहीं है। घरों के बाहर बनी जटिल 'कोलम' कलाकृतियां और गन्ने व ताजी हल्दी से सजे आंगन इस बात का प्रमाण हैं कि हमारी परंपराएं आज भी प्रकृति के संरक्षण का संदेश देती हैं। 2026 का यह पोंगल न केवल तमिल वासियों के लिए बल्कि समस्त राष्ट्र के लिए खुशहाली और नई ऊर्जा का संचार करने वाला सिद्ध होगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
