Prayagraj Magh Mela 2026 logo release : माघ मेला की आध्यात्मिक गहराई, धार्मिक अनुष्ठान और ज्योतिषीय गणना को दर्शाता है। यह पहल माघ मेले के इतिहास में पहली बार की गई है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर से मेले के प्रतीक चिन्ह को सार्वजनिक किया गया।

उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि माघ मेला एक विशाल आध्यात्मिक और धार्मिक पर्व है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करते हैं। लोगो में तप, अनुष्ठान और कल्पवास के दर्शन की झलक दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रतीक चिन्ह श्रद्धालुओं के जीवन को सुख, समृद्धि और आरोग्यता से अभिसिंचित करे और चराचर जगत के कल्याण का संदेश दे।

प्रयागराज के जिलाधिकारी ने बताया कि लोगो में तीर्थराज प्रयाग, संगम की तपोभूमि और ज्योतिषीय गणना को प्रमुख रूप से दर्शाया गया है। इसमें सूर्य और चंद्रमा की 14 कलाओं की उपस्थिति दिखाई गई है, जो मानव जीवन, मनोवैज्ञानिक ऊर्जा और आध्यात्मिक साधना से जुड़ी है। माघ मेला चंद्र-ऊर्जा की इन कलाओं के सक्रिय होने के समय आयोजित होता है।

लोगो में अविनाशी अक्षयवट का चित्र और महात्मा की छवि सनातनी परंपरा को उजागर करती है। इसके अलावा, लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन, मंदिर और पताका की उपस्थिति कल्पवासियों के तप और साधना की पूर्णता को दर्शाती है। लोगो पर साइबेरियन पक्षियों का समावेश पर्यावरणीय महत्व और संगम क्षेत्र की विशिष्टता को उजागर करता है।

इस आधिकारिक लोगो के माध्यम से माघ मेला केवल धार्मिक उत्सव नहीं रहकर आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गया है। यह लोगो श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को माघ मेला की महत्वता और परंपरा से जोड़ने का कार्य करेगा।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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