मई 2026 में आने वाली मासिक शिवरात्रि इस वर्ष 15 मई, शुक्रवार के दिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाई जाएगी। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए अत्यंत पावन माने जाने वाले इस दिन को श्रद्धालु विशेष आध्यात्मिक महत्व के साथ मनाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार यह तिथि 15 मई 2026 की सुबह 08 बजकर 31 मिनट पर प्रारंभ होगी और 16 मई 2026 की सुबह 05 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी।

इस अवसर पर शिवभक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और रात्रि में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि पर विशेष रूप से निशिता काल में की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है और जीवन में आने वाले कष्टों के निवारण के साथ-साथ मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।

इस वर्ष निशिता काल का शुभ मुहूर्त रात 15 मई की मध्यरात्रि 11 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर 16 मई की रात 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। यह समय शिव उपासना का सर्वोत्तम काल माना जाता है, जिसमें भक्त रुद्राभिषेक, मंत्रजाप और ध्यान के माध्यम से भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

इसके अतिरिक्त, संध्या काल के पश्चात प्रदोष काल में भी शिव पूजा का विशेष महत्व होता है। मुंबई सहित अन्य स्थानों पर सूर्यास्त के बाद से ही भक्त मंदिरों और घरों में शिव आराधना आरंभ कर देते हैं। परंपरा के अनुसार, इस पावन रात्रि में श्रद्धालु जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करते हैं। साथ ही शिवरात्रि व्रत कथा का श्रवण और जागरण इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

मासिक शिवरात्रि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक मानी जाती है, जो प्रत्येक माह भक्तों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। मई 2026 की यह शिवरात्रि भी आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा के गहन वातावरण का साक्षी बनेगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story