Marghashirsha 2025 : मार्गशीर्ष (अगहन) माह का महालक्ष्मी व्रत भारतीय धर्म एवं परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह व्रत न केवल धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है, बल्कि इसे करने वालों के जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि लाने का मार्ग भी माना गया है। प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में इसे विशेष रूप से गृहस्थजनों के लिए बताया गया है, और इसे स्त्री-पुरुष दोनों ही श्रद्धा भाव से कर सकते हैं।

इस व्रत की विधि अत्यंत सरल और अनुशासित है। व्रत का आरंभ मार्गशीर्ष माह के प्रथम गुरुवार से किया जाता है और इसे लगातार आठ गुरुवार तक पालन करना उत्तम माना जाता है। हर गुरुवार श्री महालक्ष्मी की प्रतिमा या फोटो के सामने बैठकर व्रत कथा का पाठ करना आवश्यक है। वर्षभर भी इस व्रत को नियमित रूप से किया जा सकता है। व्रत के दौरान भक्त उपवास रखते हैं और दूध, फलाहार आदि का सेवन करते हैं। रात्रि भोजन से पहले देवी को भोग अर्पित करना और परिवार के साथ भोजन करना अनिवार्य है।

व्रत पालन के दौरान आठ सुहागनों या कुँवारी कन्याओं को आमंत्रित किया जाता है, जिन्हें आसान या पीढ़ा पर बिठाकर हल्दी- कुमकुम अर्पित किया जाता है। उन्हें व्रत कथा की प्रति भी प्रदान की जाती है। पुरुष भी इस व्रत में भाग ले सकते हैं, वे सुहागन या कुमारिका को आमंत्रित कर उन्हें हल्दी-कुमकुम देकर व्रत कथा की प्रति देते हुए प्रणाम करें। व्रत के दौरान शांति और एकाग्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

यदि किसी कारण वश व्रत में बाधा आती है तो अन्य से पूजा करवाना भी अनुशंसित है, लेकिन उपवास स्वयं करना अनिवार्य है। मार्गशीर्ष माह के प्रथम गुरुवार से आरंभ कर अंतिम गुरुवार को व्रत का समापन किया जाता है। यदि किसी माह में पांच गुरुवार हों, तो सभी गुरुवार को व्रत करना चाहिए। अमावस्या या पूर्णिमा के दिन भी पूजा पूरी विधि से की जा सकती है। इस प्रकार मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत न केवल धार्मिक कर्तव्य का पालन है, बल्कि यह श्रद्धा, संयम और भक्ति के माध्यम से जीवन में समृद्धि, सुख और संतुलन स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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