मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025: जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी-विष्णु पूजा का महत्व
मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025, 4 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस पवित्र दिन का महत्व भगवान विष्णु और लक्ष्मी की उपासना से जुड़ा है। इस दिन की पूजा विधि, दान के नियम और धार्मिक मान्यताएँ भक्तों को विशेष पुण्य प्रदान करती हैं।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2025
धार्मिक मान्यताओं और पुरातन परंपराओं से भरा मार्गशीर्ष मास, हर वर्ष श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और पुण्य का अवसर प्रदान करता है। इसी पवित्र मास की पूर्णिमा, जिसे मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहा जाता है, 4 दिसंबर 2025 को देशभर में आस्था और भक्तिभाव के साथ मनाई जाएगी। उज्ज्वल पूर्णिमा की रात, भक्तों को न सिर्फ पूजा-व्रत का अवसर देती है, बल्कि दान और सेवा के महत्व को भी उजागर करती है।
मार्गशीर्ष मास को शास्त्रों में “धर्म और तपस्या का सर्वोत्तम समय” कहा गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूर्णिमा को भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं अपने उपदेशों में महान बताया है। माना जाता है कि इस दिन किया गया स्नान, ध्यान, जप, हवन और दान कई गुना फल प्रदान करता है। इसी कारण यह पूर्णिमा भक्तों के लिए वर्ष के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक मानी जाती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, यह पूर्णिमा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना का विशेष दिन है। ऐसा माना जाता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी पूर्ण ऊर्जा के साथ पृथ्वी पर आध्यात्मिक तरंगों को बढ़ाता है। इसी कारण इस दिन ध्यान और पूजा अत्यंत फलदायी मानी गई है। इसके अतिरिक्त, यह पर्व दान धर्म, गरीबों की सहायता, और मानव सेवा के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
पूजा विधि और मुहूर्त:
मार्गशीर्ष पूर्णिमा का शुभ समय हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलता है। वर्ष 2025 में इसका विशेष मुहूर्त इस प्रकार है-
- पूर्णिमा तिथि की शुरुआत: 04 दिसंबर को सुबह 08 बजकर 37 मिनट
- पूर्णिमा तिथि का समापन: 05 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 43 मिनट
पूजा विधि में सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करने का विधान है। घर या मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। चावल, गाय का दूध, घी, तुलसी, पीले पुष्प और नैवेद्य से पूजा की जाती है। पूर्णिमा की रात में चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ माना गया है। इसके साथ ही, अन्नदान, वस्त्रदान, कंबलदान, और धनदान इस दिन अत्यंत फलदायी बताए गए हैं। जरूरतमंदों और विधवाओं को भोजन या अनाज देने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
