आस्था, अध्यात्म और अटूट श्रद्धा की त्रिवेणी राजसमंद के पावन नीलकंठ महादेव तट पर कल एक नया इतिहास रचने जा रही है। बनास नदी के संगम पर स्थित सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक तीर्थ स्थल के अधिष्ठाता और नाथ संप्रदाय के प्रखर ज्योतिपुंज, वरिष्ठ योगी महंत श्री ज्वाला नाथ जी महाराज की पावन स्मृति में सोमवार, 5 जनवरी को एक विशाल भजन-कीर्तन एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल एक संत के प्रति श्रद्धांजलि है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

तीर्थ स्थल की व्यवस्थाओं से जुड़े गोपाल श्रीमाली ने इस विराट आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि महोत्सव की भव्यता सुनिश्चित करने के लिए पिछले एक माह से युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही थीं। समूचा आश्रम परिसर इस समय अपनी अलौकिक आभा बिखेर रहा है, जहाँ सुगंधित पुष्पों की सजावट ने वातावरण को दिव्य बना दिया है। विशेष रूप से महंत श्री ज्वाला नाथ जी महाराज के समाधि स्थल को नाथ संप्रदाय की प्राचीन और गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप अत्यंत श्रद्धापूर्वक सजाया और संजोया गया है, जो यहाँ आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए आकर्षण और शांति का केंद्र बना हुआ है।




आयोजन की गरिमा को देखते हुए नाथ संप्रदाय की परंपरा के अनुसार विशिष्ट संतों का सम्मान, वैदिक कर्मकांड और विधिविधान संपन्न किए जाएंगे। वर्तमान में आश्रम की सेवा में अनवरत लीन सुंदर नाथ ने महाराज श्री के तपस्वी जीवन का स्मरण करते हुए बताया कि उन्होंने अपने बाल्यकाल से ही इस पवित्र स्थल पर महादेव की सेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बना लिया था। महाराज श्री ने अपना संपूर्ण जीवन न केवल आध्यात्मिक साधना में व्यतीत किया, बल्कि जनकल्याण के कार्यों के माध्यम से वे जन-जन के हृदय में 'सरल और चमत्कारी संत' के रूप में प्रतिष्ठित हुए। आज भी उनके प्रति भक्तों की अटूट आस्था इस बात का प्रमाण है कि उनका आध्यात्मिक प्रभाव कालातीत है।

इस भव्य आयोजन को सुव्यवस्थित और अनुशासित ढंग से संपन्न करने के लिए करीब 300 निष्ठावान भक्तों की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो सुरक्षा से लेकर भोजन व्यवस्था तक की जिम्मेदारी संभाल रही है। आयोजन समिति ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्रसादी और बैठक की व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। सोमवार को होने वाला यह समागम राजसमंद की धरा पर भक्ति और शक्ति के अनूठे मेल को जीवंत करेगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए महाराज श्री के लोक-कल्याणकारी मार्ग का मार्गदर्शक बनेगा।

Updated On
Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story