रोहिणी व्रत मुख्य रूप से हर महीने रोहिणी नक्षत्र वाले दिन रखा जाता है। यह व्रत जैन धर्म में विशेष प्रसिद्ध है, हालांकि हिंदू धर्म में भी इसे शुभ और फलदायी माना जाता है। इस व्रत का संबंध चंद्रदेव से है, क्योंकि रोहिणी नक्षत्र को चंद्रमा की प्रिय पत्नी माना जाता है।

प्राचीन समय में चंपापुरी नामक नगर में राजा माधवा और रानी लक्ष्मीपति शासन करते थे। उनके सात पुत्र और एक बेटी रोहिणी थी। राजा ने अपनी बेटी रोहिणी के लिए स्वयंवर का आयोजन किया जिसमें उसने हस्तिनापुर के राजकुमार अशोक को वरमाला पहनाई और उनका विवाह संपन्न हुआ। एक बार हस्तिनापुर में चारण मुनिराज आए और धर्मोपदेश दिया। राजा ने मुनिराज से पूछा कि उनकी रानी इतनी शांत क्यों रहती है? मुनिराज ने बताया कि इसी नगर में एक राजा वस्तुपाल था जिसका मित्र धनमित्र था। धनमित्र की एक बेटी दुर्गंधा नाम की थी, जिसकी दुर्गंध की वजह से विवाह नहीं हो पाता था। दुर्गंधा के पिता ने धन के लालच में उसे एक सेठ के पुत्र श्रीषण से विवाह कर दिया, लेकिन दुर्गंधा की बदबू से पति उसे छोड़कर चला गया। धनमित्र ने मुनिराज से पाप और दुर्गंध दूर करने का उपाय पूछा।


मुनिराज ने बताया कि दुर्गंधा पूर्व जन्म में रानी सिंधुमती थी जिसने मुनि को कड़वे भोजन देकर पाप किया था, जिसके कारण उसे भूषण और पशु योनि में जन्म लेना पड़ा। मुनिराज ने उपदेश दिया कि रोहिणी व्रत का पालन कर इस पाप से मुक्ति पाई जा सकती है। इस व्रत के तहत प्रति माह रोहिणी नक्षत्र वाले दिन चार प्रकार के आहार का त्याग करना होता है और श्री जिन चैत्यालय जाकर धर्मध्यान करना होता है। दुर्गंधा ने श्रद्धा से यह व्रत किया और अंत में संन्यास लेकर मृत्यु के पश्चात स्वर्ग प्राप्त किया। राजा अशोक और रानी रोहिणी ने भी इस व्रत के प्रभाव से सुखी जीवन व्यतीत किया और मोक्ष को प्राप्त हुए। राजा अशोक के पूर्व जन्म का वर्णन करते हुए बताया गया है कि उसने मुनि पर उपसर्ग किया था इसलिए नरक में गया और पुनः जन्म लेकर रोहिणी व्रत द्वारा अपने पापों का नाश किया।

रोहिणी व्रत का महत्व:

  • यह व्रत करने से व्यक्ति के जीवन से दुख, कष्ट दूर होते हैं।
  • परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और सौभाग्य आता है।
  • यह व्रत आत्मा को शुद्ध करता है और आध्यात्मिक विकास में मदद करता है।
  • महिलाओं द्वारा इस व्रत को पति की लंबी आयु और परिवार की भलाई के लिए रखा जाता है।
  • गरीबी दूर होने और धन-समृद्धि प्राप्ति की मान्यता भी जुड़ी है।
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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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