आज से शुरू हुआ पवित्र कार्तिक मास, जानिए तुलसी पूजन का सही तरीका, नियम और इसका धार्मिक महत्व|
27 अक्टूबर से शुरू हो रहे कार्तिक मास में तुलसी पूजन के नियम, दीपदान और भगवान विष्णु की पूजा की पूरी विधि जानें।

कार्तिक मास के दौरान तुलसी पूजन और भगवान विष्णु की आराधना से जुड़े नियमों का पालन करने की जानकारी दी जा रही है।
हिंदू धर्म में कार्तिक मास को बेहद खास और पवित्र माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने में पूजा-पाठ और दीपदान करने का विशेष महत्व होता है. इस साल कार्तिक मास का आरंभ 27 अक्टूबर से होने जा रहा है. मान्यता है कि इस पवित्र महीने में ही भगवान विष्णु अपनी योगनिद्रा से जागते हैं, जिससे इस मास का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. पंडित राकेश झा के अनुसार, इस पूरे महीने में रोजाना विधि-विधान से तुलसी की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है और भगवान विष्णु तथा मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है.
तुलसी पूजन के नियम और विधि
कार्तिक मास के दौरान तुलसी की पूजा करने के कुछ खास नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी माना जाता है:
• कार्तिक मास में हर दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए.
• स्नान करने के बाद रोजाना तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए.
• इसके बाद कार्तिक मास का माहात्म्य पढ़ना चाहिए और तुलसी माता की परिक्रमा करनी चाहिए.
• मां तुलसी के मंत्रों का जाप करने के साथ-साथ तुलसी चालीसा का पाठ भी करना चाहिए.
• तुलसी पूजन के पश्चात भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भी पूजा-अर्चना करनी चाहिए.
• इस पूरे महीने में नियमित रूप से भगवान विष्णु के मंदिर जाकर भी घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना गया है.
• पूजा-पाठ के साथ-साथ कार्तिक मास में दान-पुण्य के कार्य भी जरूर करने चाहिए.
• जो लोग कार्तिक मास में तुलसी की पूजा करते हैं, उन्हें हमेशा सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए.
• इस दौरान ब्रह्मचर्य नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है और किसी भी तरह के अनावश्यक वाद-विवाद या दूसरों की निंदा करने से बचना चाहिए.
तुलसी पूजा का धार्मिक महत्व
कार्तिक मास में तुलसी पूजा करना बहुत अधिक फलदायी माना गया है क्योंकि तुलसी माता को सीधे तौर पर मां लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है. इसके अलावा, तुलसी जी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं. यही वजह है कि इस पूरे महीने में तुलसी के समक्ष घी का दीपक जलाने और भगवान विष्णु को नियमित रूप से तुलसी दल अर्पित करने का विधान है. जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ इस मास में नियमित रूप से पूजा-अर्चना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है.

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
