क्या आपकी शादी 2026 में है? ज्योतिषियों ने बताए वो 59 शुभ मुहूर्त, जो आपके वैवाहिक जीवन को बनाएंगे स्वर्ग।
वर्ष 2026 में विवाह के लिए 59 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। जानिए डॉ. अशोक मिश्र के अनुसार फरवरी से दिसंबर तक की सटीक विवाह तिथियां, अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) का प्रभाव और ग्रहों के गोचर से बनने वाले विशेष धार्मिक संयोग। पंचांग के अनुसार 17 मई से 15 जून तक अधिक मास के चलते मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। पूरी जानकारी के लिए लेख पढ़ें।

चातुर्मास और अधिक मास का प्रभाव
महीनेवार विवाह मुहूर्तों का विवरण
महीना | शुभ मुहूर्त की संख्या | प्रमुख तिथियां |
फरवरी | 12 | 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26 |
मार्च | 08 | 1, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12 |
अप्रैल | 08 | 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 |
मई | 08 | 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 |
जून | 08 | 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 |
जुलाई | 04 | 1, 6, 7, 11 |
नवंबर | 04 | 21, 24, 25, 26 |
दिसंबर | 07 | 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 |
धार्मिक संयोग और ग्रहों की चाल
इस वर्ष अधिक मास के कारण एकादशियों की संख्या भी बढ़कर 26 हो गई है। इसमें पद्मिनी और परम एकादशी जैसे दुर्लभ संयोग शामिल हैं, जिन्हें आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। संकष्टी चतुर्थी की संख्या भी इस वर्ष 13 होगी, जिसमें 6 जनवरी, 5 मई और 29 सितंबर को 'अंगारकी चतुर्थी' का विशेष संयोग बनेगा। इसके अतिरिक्त, वर्ष भर में 14 विनायक चतुर्थी और कई बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन जनमानस और मांगलिक कार्यों को प्रभावित करेगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
