अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पुष्टि की है कि 25 नवंबर 2025 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर के मुख्य शिखर (शिखर) पर केसरिया धर्म ध्वज फहराया जाएगा। यह दिन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे विवाह पंचमी के रूप में भी मनाया जाता है, जो भगवान राम और माता सीता के विवाहोत्सव का प्रतीक है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इसे श्रद्धा‑और प्रतीक्षा का प्रतीक बताया है, एक लंबी आस्था यात्रा का महत्वपूर्ण क्षण, जिसे हजारों भक्त वर्षों से इंतज़ार कर रहे थे।


रिपोर्ट्स के अनुसार, ध्वजारोहण समारोह लगभग 30 मिनट का होगा। इसमें 8,000 से 10,000 आमंत्रित अतिथि भाग लेंगे, जिनमें वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। यह महत्वपूर्ण आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में होगा। ट्रस्ट ने बताया है कि मोदी जी ध्वजारोहण की रस्म में मुख्य भूमिका निभाएंगे।सुरक्षा प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारियाँ चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अयोध्या का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की है।


ध्वज का आकार, डिज़ाइन और धार्मिक प्रतीकांकों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बताया गया है कि ध्वज पर सूर्य देव और कोविदार वृक्ष के प्रतीक अंकित होंगे, ये दोनों प्रतीक भगवान राम की दिव्यता और पवित्रता को दर्शाते हैं। ध्वज को लगभग 190 फीट ऊंचाई पर फहराया जाएगा, और इसके लिए विशेष तकनीकी व्यवस्थाएँ बनाई गई हैं। इस ध्वजारोहण समारोह का आयोजन मंदिर निर्माण के “पूर्णता समारोह” के रूप में भी देखा जा रहा है।


ट्रस्ट ने कहा है कि अधिकांश निर्माण कार्य पिछले महीनों में पूरा हो गया है और यह आयोजन मंदिर के समृद्ध इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, कार्यक्रम स्थल और अतिथि प्रबंधन के लिए भी व्यवस्था की गई है। सीमित संख्या में अतिथियों को निमंत्रण दिया गया है और उनके ठहरने के लिए विशिष्ट व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, ध्वजारोहण से पहले स्थल पर एक तकनीकी परीक्षण भी सम्पन्न किया गया, जिसमें झंडा लगाने की पद्धति, पिंडली तंत्र और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई।


25 नवंबर का यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि अयोध्या मंदिर परियोजना में एक प्रतीकात्मक “पूर्णता” को दर्शाता है। लंबे समय से चली आ रही भक्तिप्रवृत्ति, ट्रस्ट की नियोजन क्षमता और राष्ट्रीय महत्व इस आयोजन को सिर्फ स्थानीय घटना नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय महोत्सव बनाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति इसे और अधिक ऐतिहासिक बना रही है। यह ध्वजारोहण समारोह न सिर्फ अयोध्या की धार्मिक गरिमा को पुनर्स्थापित करेगा, बल्कि देशभर में उस लोगो के उस आस्था‑सपने को भी चरितार्थ करेगा, जिन्होंने वर्षों तक मंदिर के निर्माण और उसकी पूर्णता की कामना की।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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