सिख धर्म के दसवें गुरु, साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व वर्ष 2026 में पूरे देश और विश्वभर में 5 जनवरी, सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और ऐतिहासिक गौरव के साथ मनाया जाएगा। नानकशाही कैलेंडर के अनुसार निर्धारित यह तिथि सिख धार्मिक संगठनों द्वारा आधिकारिक रूप से मान्य की गई है, जिसके चलते प्रमुख गुरुद्वारों और पंथक संस्थाओं ने इसी दिन भव्य आयोजनों की पुष्टि की है। कुछ पंचांगों में तिथि को लेकर 6 जनवरी का उल्लेख अवश्य मिलता है, लेकिन मुख्य धार्मिक उत्सव और ‘प्रकाश पुरब’ 5 जनवरी को ही आयोजित किए जाएंगे।

गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म 1666 ईस्वी में पटना साहिब में हुआ था। वे न केवल एक महान आध्यात्मिक गुरु थे, बल्कि एक निर्भीक योद्धा, कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध खड़े होकर सिख धर्म को संगठित शक्ति प्रदान की और 1699 में खालसा पंथ की स्थापना कर समानता, साहस और आत्मसम्मान का संदेश दिया। उनका जीवन बलिदान, धर्म रक्षा और मानवता की सेवा का जीवंत उदाहरण माना जाता है।

प्रकाश पर्व के अवसर पर देश-विदेश के गुरुद्वारों में अखंड पाठ साहिब, विशेष दीवान, शब्द कीर्तन और अरदास का आयोजन किया जाएगा। अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब, आनंदपुर साहिब, पटना साहिब और हजूर साहिब जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गुरुद्वारों को भव्य रूप से सजाया जाएगा और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है।

इस पावन अवसर पर ‘नगर कीर्तन’ भी गुरुपरंपरा के अनुसार निकाले जाएंगे, जिनमें पंच प्यारे, निशान साहिब और गुरु ग्रंथ साहिब की अगुवाई में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए सहभागिता निभाएंगे। लंगर सेवा इस दिन का एक अहम हिस्सा होगी, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी को भोजन कराया जाएगा। सेवा, समर्पण और समानता की भावना इस आयोजन की मूल आत्मा मानी जाती है।

धार्मिक संगठनों और गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों ने प्रकाश पर्व को शांतिपूर्ण, मर्यादित और गुरमत सिद्धांतों के अनुरूप मनाने की अपील की है। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कई स्थानों पर सामाजिक सेवा कार्यक्रम, रक्तदान शिविर और शैक्षणिक संगोष्ठियां भी आयोजित की जाएंगी, जो गुरु गोबिंद सिंह जी के सामाजिक दृष्टिकोण को रेखांकित करती हैं।

गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि साहस, त्याग और सत्य के लिए संघर्ष की प्रेरणा का प्रतीक है। यह दिन आने वाली पीढ़ियों को न्याय, मानवता और आत्मबल के मूल्यों से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है। 5 जनवरी 2026 को मनाया जाने वाला यह गुरुपुरब सिख इतिहास की गौरवशाली परंपरा को पुनः स्मरण कराने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरेगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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