कुर्ला संघ की गुरु दर्शन यात्रा सम्पन्न
यात्रा के दौरान संघजनों ने न केवल दर्शन का लाभ लिया बल्कि विभिन्न स्थानों पर धार्मिक प्रवचन भी सुने। साधु-साध्वियों ने संयम, अहिंसा और परस्पर सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जीवन में शांति और आत्मिक बल प्राप्त करने के उपाय बताए।

मुंबई। कुर्ला संघ द्वारा आयोजित गुरु दर्शन यात्रा भव्य एवं श्रद्धा से सम्पन्न हुई। इस यात्रा का उद्देश्य साधु-साध्वियों के दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करना और समाज में धर्म-संस्कारों का संदेश फैलाना रहा।
यात्रा के दौरान संघ के श्रद्धालु भीलवाड़ा पहुंचे, जहाँ उन्होंने विजयप्रभा मसा और कुमुदलता मसा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद कांकरोली कुंवारियां में कोमल मुनि मसा, कपासन में कंचन कुंवर मसा तथा सनवाड़ में एशना मसा के सम्मुख संघ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी स्थानों पर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया और संतों ने उन्हें धर्ममार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया।
इस यात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। संघ के प्रमुख सदस्यों में रिखबलाल सांखला, सोहनलाल सेठिया, लोकेश लोढ़ा, मनीष सांखला, जयप्रकाश बाफना, सुरेश सिरोया, मनोहर बापना, पुखराज मांडोत, हेमंत लोढ़ा, राजमल मेहता, राहुल सिरोया, मुकेश काग्रेचा, अंकित हिंगड, ताराचंद ओस्तवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
महिलाओं की भी इस यात्रा में उल्लेखनीय भागीदारी रही। इनमें स्नेहलता सांखला, मधु सेठिया, रेखा लोढ़ा, आशा सांखला, कैलाश देवी बापना, प्रेमा मांडोत, आशा सिरोया, लीला बापना, लक्ष्मी काग्रेचा, प्रियंका सिरोया, लक्ष्मी हिंगड, रेखा ओस्तवाल, सरोज मेहता और मंजू लोढ़ा सम्मिलित रहीं।
गुरु दर्शन यात्रा के दौरान संघजनों ने न केवल दर्शन का लाभ लिया बल्कि विभिन्न स्थानों पर धार्मिक प्रवचन भी सुने। साधु-साध्वियों ने संयम, अहिंसा और परस्पर सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जीवन में शांति और आत्मिक बल प्राप्त करने के उपाय बताए।
यात्रा के सफल आयोजन से समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश गया। कुर्ला संघ की यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव रही, बल्कि अगली पीढ़ी के लिए भी यह एक प्रेरणादायी पहल साबित हुई।

