धनतेरस, दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान घर लौटने और परिवार के साथ घूमने की योजनाओं के बीच यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ट्रेन, बस और फ्लाइट से सफर करने वालों की बढ़ती भीड़ के बीच लोग अपनी यात्रा को परेशानीमुक्त बनाना चाहते हैं। इसी बीच हिंदू ज्योतिष शास्त्र में बताए गए दिशा शूल के नियम भी चर्चा में रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सप्ताह के अलग-अलग दिनों में विशेष दिशाओं में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में यात्रा शुरू करने से पहले दिशा शूल का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। आइए आचार्य मदन मोहन से जानते हैं कि दिशा शूल क्या है और सप्ताह के किस दिन किस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।

आचार्य मदन मोहन के अनुसार, सप्ताह के सातों दिनों में अलग-अलग दिशाओं में दिशा शूल माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जिस दिन जिस दिशा में दिशा शूल रहता है, उस दिन उस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। हालांकि, यदि किसी जरूरी काम के चलते संबंधित दिशा में जाना अनिवार्य हो तो यात्रा शुरू करने से पहले कुछ पारंपरिक उपाय करने की सलाह दी जाती है। ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, इन्हें दुर्घटना या परेशानी से बचाव की वैज्ञानिक गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा में दिशा शूल माना जाता है। इस मान्यता के अनुसार, इन दोनों दिनों में पूर्व दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा जरूरी हो तो सोमवार को घर से निकलने से पहले शीशा देखने और शनिवार को तिल या अदरक का सेवन करने का पारंपरिक उपाय बताया गया है।

इसी तरह रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों पश्चिम दिशा की यात्रा शुभ नहीं मानी जाती। रविवार को पान या दलिया खाकर यात्रा शुरू करने की सलाह दी जाती है। वहीं, शुक्रवार को जौ या राई का सेवन करके घर से निकलने और पांच कदम पीछे चलने का उपाय बताया गया है।

मंगलवार और बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल माना जाता है। ऐसे में इन दोनों दिनों में उत्तर दिशा की यात्रा से बचने की मान्यता है। यदि किसी आवश्यक काम से इस दिशा में जाना पड़े तो मंगलवार को गुड़ खाकर और बुधवार को तिल या धनिया का सेवन करके यात्रा शुरू करने का पारंपरिक उपाय बताया गया है।

आचार्य मदन मोहन के अनुसार, गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहता है। इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि यात्रा टालना संभव न हो तो घर से निकलने से पहले धनिया का सेवन करने का उपाय बताया गया है।

इस तरह ज्योतिषीय मान्यताओं में सप्ताह के सातों दिनों के लिए अलग-अलग दिशाओं में यात्रा से जुड़े नियम बताए गए हैं। त्योहारों के दौरान यात्रा की योजना बनाते समय दिशा शूल और उससे जुड़े पारंपरिक उपायों को लेकर लोगों की मान्यताएं बनी रहती हैं।

Pratahkal Bureau

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