धनतेरस की शाम ऐसे करें मां लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि देव की पूजा; जानिए उत्तम मुहूर्त, विधि और खास मंत्र|
धनतेरस के शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से मां लक्ष्मी, कुबेर देव और भगवान धनवंतरि की पूजा कर चमत्कारी मंत्रों का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

धनतेरस की शाम को घरों में माता लक्ष्मी, कुबेर देव और भगवान धनवंतरि की पूजा के लिए सजाई गई चौकी और जलते हुए दीप|
आज धनतेरस का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर सुबह से ही बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की चहल-पहल देखी जा रही है। धनतेरस के दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन और माता लक्ष्मी तथा गणेश जी की मूर्तियां खरीदते हैं। धनतेरस की शाम को भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर जी की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करने का नियम है। सही विधि से पूजन और मंत्रों का जाप करने से जीवन में आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में खुशहाली आती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। धनतेरस पर प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस वर्ष आज शाम को पूजा करने का सबसे शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 33 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा विधि
धनतेरस की शाम को पूजा करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
• स्थापना और पवित्रता
o घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में एक साफ-सुथरी चौकी लगाएं और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
o इस चौकी पर भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
o मूर्तियों पर गंगाजल छिड़क कर उन्हें पवित्र करें, फिर चंदन का तिलक लगाकर धूप-दीप दिखाएं।
• भोग और आरती
o गाय के शुद्ध घी का एक बड़ा दीपक प्रज्वलित करें।
o भगवान धन्वंतरि को पीले रंग की मिठाई का भोग अर्पित करें।
o इसके बाद भगवान कुबेर, भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
o सभी देवी-देवताओं की आरती उतारें और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य व सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
• यम दीपदान
o पूजा समाप्त होने के बाद, घर के मुख्य द्वार पर यमराज के नाम का एक चौमुखा दीपक दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाकर रखें।
पूजन के मुख्य मंत्र
पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है:
• कुबेर देव का धन प्राप्ति मंत्र:
ओम यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये,
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
• माता लक्ष्मी का बीज मंत्र:
ओम श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद,
ओम श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
• आरोग्य के लिए धन्वंतरि मंत्र:
ओम नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धनवंतराये:
अमृतकलश हस्ताय सर्वभयविनाशाय सर्वरोगनिवारणाय
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूपाय श्री धनवंतरि स्वरूपाय नमः॥

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
