धनतेरस का पर्व आज, 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सोना-चांदी, नए बर्तन और अन्य धातुओं की वस्तुएं खरीदने के लिए बाजारों में विशेष उत्साह है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में नई वस्तुएं घर लाना सुख, समृद्धि और बरकत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है।

पंचांग के अनुसार, धनतेरस 2026 पर सोना-चांदी खरीदने का मुख्य शुभ मुहूर्त 6 नवंबर की सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 7 नवंबर की सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इस दौरान सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी की जा सकती है। वहीं, शाम के समय प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न में खरीदारी करना भी विशेष शुभ माना गया है।

धनतेरस पर शाम के समय खरीदारी के लिए अलग-अलग शहरों में स्थानीय सूर्यास्त और पंचांग के अनुसार शुभ समय निर्धारित किया गया है। नई दिल्ली में शाम 6 बजकर 02 मिनट से 7 बजकर 57 मिनट तक सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त रहेगा। मुंबई में यह समय शाम 6 बजकर 35 मिनट से 8 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। पटना में शाम 5 बजकर 36 मिनट से 7 बजकर 33 मिनट तक खरीदारी शुभ मानी गई है।

लखनऊ में शाम 5 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक और कानपुर में शाम 5 बजकर 53 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक खरीदारी का शुभ समय रहेगा। गुरुग्राम में शाम 6 बजकर 03 मिनट से 7 बजकर 59 मिनट तक तथा नोएडा में शाम 6 बजकर 01 मिनट से 7 बजकर 57 मिनट तक सोना-चांदी खरीदने का मुहूर्त निर्धारित है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में शाम 6 बजकर 11 मिनट से 8 बजकर 07 मिनट तक खरीदारी करना शुभ रहेगा, जबकि उदयपुर में शाम 5 बजकर 45 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक का समय निर्धारित किया गया है। भोपाल, वाराणसी और इंदौर में भी शाम 5 बजकर 45 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त रहेगा। अलग-अलग शहरों में समय का अंतर स्थानीय पंचांग और सूर्यास्त के अनुसार है।

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर में सोना, चांदी या किसी अन्य धातु की नई वस्तु लाने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसे परिवार में धन-धान्य, सुख और समृद्धि के आगमन का प्रतीक माना जाता है।

इस अवसर पर सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के, बर्तन और पीतल की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। हालांकि, खरीदारी के लिए अधिक खर्च करना जरूरी नहीं है। अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार चांदी का छोटा सिक्का या उपयोगी बर्तन भी खरीदा जा सकता है।

धनतेरस के अवसर पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा-अर्चना का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धालु अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। ऐसे में खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए अपने शहर का शुभ मुहूर्त जानना महत्वपूर्ण है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय, लाभ, सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया इस लेख में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इसमें निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों, ज्योतिषियों, पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं, धर्मग्रंथों और दंतकथाओं से संग्रहित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें और अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

Pratahkal Newsroom

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