JNU में फिर छिड़ा विवाद ; ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर ने चुनावी माहौल गरमाया
जेएनयू परिसर में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर मिलने से चुनावी माहौल तनावपूर्ण, प्रशासन ने विवाद टालने हटा दिए; सुरक्षा कड़ी, जांच जारी है। विवाद ने धार्मिक सद्भाव पर सवाल उठाए, छात्रों में शांति बनाए रखने की अपील भी की गई है।

जेएनयू विश्वविद्यालय
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर विवादों में है। विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर बुधवार रात ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे नारे और पोस्टर मिलने से हलचल मच गई। प्रशासन ने किसी भी विवाद से बचने के लिए इन्हें रातों-रात हटा दिया। विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी अब पोस्टर लगाने वालों की खोज कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों की जांच भी कर रहे हैं।
बताया गया है कि कुछ पोस्टर हॉस्टल और ओपन थिएटर के पास, जबकि एक विश्वविद्यालय की इमारत के साइनबोर्ड पर चिपकाया गया था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की तैयारी चल रही है, जो 4 नवंबर को होने वाले हैं। अधिकारी मान रहे हैं कि यह हरकत माहौल को बिगाड़ने और छात्रों में तनाव फैलाने की कोशिश हो सकती है। 'आई लव मोहम्मद' नारे के पोस्टर हाल के हफ्तों में देश के कई हिस्सों में विवाद का कारण बने हैं।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इन पोस्टरों को लेकर झड़पें हो चुकी हैं। इसके बाद कुछ जगहों पर जवाब में ‘आई लव महादेव’ के पोस्टर भी लगाए गए थे, जिससे इस मुद्दे ने धार्मिक रंग ले लिया था। एबीवीपी की जेएनयू इकाई ने भी इस घटना को विश्वविद्यालय की छवि के लिए नुकसानदायक बताया और कहा कि जेएनयू जैसे खुले विचारों वाले संस्थान को सांप्रदायिक रूप देने का प्रयास किया गया है।
वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष वैभव मीणा, जो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े हैं, ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में ऐसे नारे नहीं लिखे जाने चाहिए क्योंकि इनसे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है।
धार्मिक अभिव्यक्ति पर किसी को रोक नहीं है, लेकिन सार्वजनिक जगहों पर ऐसे संदेश देना सही नहीं माना जा सकता। यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि विश्वविद्यालयों में चुनावी माहौल के दौरान किस तरह बाहरी या राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित करने की कोशिश करती हैं। फिलहाल, जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस इस घटना को लेकर उच्च स्तर की जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में कैंपस में किसी प्रकार की साम्प्रदायिक विवाद की स्थिति न बने।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि क्या यह हरकत विश्वविद्यालय के अंदर के किसी छात्र ने की या बाहरी लोगों ने परिसर में प्रवेश कर इस नारेबाजी को अंजाम दिया। मिली सूचना के मुताबिक, इन नारों को देर रात के समय लिखा गया ताकि कोई उन्हें देख न सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
